50 हजार करोड़ रुपये के घाटे से जूझ रही एयर इंडिया के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने अपने कर्मचारियों को पत्र लिखकर के कहा है कि वो नए वर्क कल्चर के लिए तैयार रहे। पत्र में लोहानी ने सरकार द्वारा लिए गए बेचने के निर्णय के बारे में सही जानकारी दी।
लोहानी ने कहा कि एयर इंडिया पर पिछले कुछ वर्षों में एयर इंडिया पर 50 हजार करोड़ का कर्जा हो गया है। इस कर्जे की वजह से कंपनी का लांग टर्म में चलना मुश्किल है। इसके लिए सभी लोग मिलकर प्रयास करेंगे तभी कुछ रास्ता निकलेगा। सरकार का मानना है कि विनिवेश करने से एयर इंडिया को वर्ल्ड क्लास एयरलाइंस बनाने में मदद मिलेगी। इससे कर्मचारियों को भी फायदा मिलेगा।
लोहानी ने कहा कि वक्त बदल रहा है। अब आगे चलकर ये कंपनी सरकारी नहीं रहेगी, बल्कि प्राइवेट हाथों में चली जाएगी। इसके लिए हमें भी अपने काम करने के तरीके को बदलना पड़ेगा, जैसा प्राइवेट एयरलाइंस में होता है। जो ज्यादा अच्छा काम करेगा, उसी को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
लोहानी ने कहा कि एयरलाइंस को बेचने के बाद भी कर्मचारियों का हित बरकरार रहेगा। इसके साथ ही किसी भी कर्मचारी को फिलहाल हटाया नहीं जाएगा।