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Air India चीफ ने लिखा कर्मचारियों को पत्र, कहा- नए वर्क कल्चर के लिए रहे तैयार

Wed, 19 Jul 2017 03:13 PM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
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एयर इंडिया
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50 हजार करोड़ रुपये के घाटे से जूझ रही एयर इंडिया के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने अपने कर्मचारियों को पत्र लिखकर के कहा है कि वो नए वर्क कल्चर के लिए तैयार रहे। पत्र में लोहानी ने सरकार द्वारा लिए गए बेचने के निर्णय के बारे में सही जानकारी दी। 
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लोहानी ने कहा कि एयर इंडिया पर पिछले कुछ वर्षों में एयर इंडिया पर 50 हजार करोड़ का कर्जा हो गया है। इस कर्जे की वजह से कंपनी का लांग टर्म में चलना मुश्किल है। इसके लिए सभी लोग मिलकर प्रयास करेंगे तभी कुछ रास्ता निकलेगा। सरकार का मानना है कि विनिवेश करने से एयर इंडिया को वर्ल्ड क्लास एयरलाइंस बनाने में मदद मिलेगी। इससे कर्मचारियों को भी फायदा मिलेगा। 

लोहानी ने कहा कि वक्त बदल रहा है। अब आगे चलकर ये कंपनी सरकारी नहीं रहेगी, बल्कि प्राइवेट हाथों में चली जाएगी। इसके लिए हमें भी अपने काम करने के तरीके को बदलना पड़ेगा, जैसा प्राइवेट एयरलाइंस में होता है। जो ज्यादा अच्छा काम करेगा, उसी को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। 
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लोहानी ने कहा कि एयरलाइंस को बेचने के बाद भी कर्मचारियों का हित बरकरार रहेगा। इसके साथ ही किसी भी कर्मचारी को फिलहाल हटाया नहीं जाएगा। 
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15 दिन में तैयार किया एयर इंडिया के मेकओवर का ब्लू प्रिंट

नीति आयोग ने 15 दिन में सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया का विनिवेश करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। अभी इस कंपनी पर 52 हजार करोड़ से ज्यादा की देनदारी है, जिसके डिसइन्वेस्टमेंट को ट्रेड यूनियन और लेफ्ट पार्टियों ने 25 सालों से रोक रखा था। 
इस ब्लू प्रिंट के मुताबिक, नीति आयोग ने सरकार को सुझाया है कि वो घाटा देने वाली एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश की तरफ आगे बढ़े जिसके कि बचा हुआ पैसा स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे जरूरी क्षेत्रों में खर्च किया जा सके।

नीति आयोग ने एयर इंडिया की बिक्री के संबंध में ग्राउंड वर्क तैयार कर लिया है। आयोग की रिपोर्ट उस वक्त सामने आई है जब अरुण जेटली ने हाल ही में एयर इंडिया को निजी क्षेत्र को सौंपने की वकालत की थी। जेटली ने कहा था कि जब 86 प्रतिशत विमान परिचालन निजी कंपनियां कर सकती हैं तो 100 प्रतिशत भी इसे निजी हाथों में दिया जा सकता है।

सूत्रों ने बताया कि इस मामले में फैसला तो केंद्र की कैबिनेट को ही लेना है। कुछ वक्त पहले नीति आयोग की चौथी रिपोर्ट पेश की गई है। इस रिपोर्ट में एयर इंडिया के विनिवेश का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें एयर इंडिया के 30 हजार करोड़ रूपये के लोन से बाहर निकले की बात कही गई है।

एयर इंडिया पर इस वक्त लगभग 60 हजार करोड़ का खर्चा है, जिसमें से लगभग 21 हजार करोड़ एयरक्राफ्ट से संबंधित लोन है और 8 हजार करोड़ वर्किंग कैपिटल। विनिवेश के जरिए एयरक्राफ्ट से संबंधित लोन और वर्किंग कैपिटल लोन को नए मालिक को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव है। 
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