जुलाई में जहां एक तरफ टमाटर ने महंगाई के मामलें में शतक जड़ दिया था, वहीं अब अगस्त के महीने में प्याज भी इसका साथ देने के लिए तैयार हो गया है। पूरे देश में पिछले एक हफ्ते में प्याज के दाम 100 फीसदी तक उछल गए हैं। प्याज महंगा होने से किसानों के चेहरे पर जहां खुशी है, वहीं आम आदमी की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है।
देश भर की प्रमुख मंडियों में प्याज के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। मंडियों में प्याज की आवक बहुत कम हो गई है। इसके अलावा अन्य सब्जियों के दामों में भी इजाफा हो गया है।
ये है प्याज के महंगा होने का प्रमुख कारण
प्याज के दाम दिल्ली की सबसे बड़ी थोक मंडी आजादपुर में 18 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। सबसे बढ़िया क्वालिटी का प्याज डिमांड होने के बावजूद मिल नहीं रहा है। होलसेल व्यापारियों के मुताबिक एमपी, गुजरात और राजस्थान में बारिश, बाढ़ के चलते प्याज सड़ गया है। वहीं कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में किसानों ने प्याज की पैदावार कम की।
कम बारिश के चलते वहां भी उतनी पैदावार नहीं हुई थी, जिसकी आशा की जा रही थी। देश मे इस साल 215.6 लाख टन प्याज की पैदावार का अनुमान है जबकि बीते साल ये 209.3 लाख टन प्याज की पैदावार हुई थी। यानी बीते साल से ज़्यादा प्याज पैदा होने के बावजूद दाम बढ़ रहे हैं।