कंपनी विभिन्न स्थानों पर सौर परियोजनाएं लगाएगी। सौर विनिर्माण संयंत्र 2022 तक पूरा होगा। यह पूछे जाने पर कि 25 साल तक 2.92 रुपये प्रति यूनिट कितना व्यवहारिक है। अडाणी ने कहा, 'काफी मार्जिन है। साथ ही हमारे पास परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 3-5 साल का समय है। हम शुल्क को लेकर संतुष्ट हैं क्योंकि इसमें पर्याप्त मार्जिन है।'
मुख्य रूप से चीन से या दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित चीनी कंपनियों द्वारा सस्ते सौर मोड्यूल पर रक्षोपाय शुल्क भी एक संतोषजनक बात है। कंपनी ने एक बयान में कहा, 'अडाणी ग्रीन एनर्जी लि. ने सेकी से विनिर्माण से जुड़ा सौर समझौता हासिल किया है जो अपनी तरह का पहला आर्डर है।'
बयान के अनुसार इससे कंपनी 2025 तक नवकीरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 25,000 मेगावाट उत्पादन क्षमता का लक्ष्य हासिल कर पाएगी। इस खबर से कंपनी का शेयर बीएसई में 5 प्रतिशत मजबूत होकर रिकॉर्ड 312.75 रुपये पर पहुंच गया।
अडाणी ने कहा कि परियोजना से देश को कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी 21) के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। यह अपने पूरे जीवनकाल में 90 करोड़ टन कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन में कमी लाएगा।