दिवाली के दौरान चीनी सामान की बिक्री में 60 फीसदी की कमी आई है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की एक सर्वे रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसमें कहा गया है कि इस साल दिवाली पर चीनी सामान की बिक्री करीब 3,200 करोड़ रुपये की हुई, जबकि इससे पिछले साल दिवाली पर 8,000 करोड़ रुपये के चीनी सामान बिके थे।
सर्वे में कहा गया है कि चीनी सामान की बिक्री में बड़ी गिरावट गिफ्ट आइटम, गैजेट, फैंसी लाइट, बरतन, घरेलू उपकरण, प्लास्टिक सामान, देवी-देवताओं की मूर्तियों, सजावटी सामान, खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक सामान, होम फर्निशिंग सामान, फुटवियर और कपड़ों आदि में दर्ज की गई है। सर्वे में शामिल 85 फीसदी व्यापारियों का मानना है कि ग्राहकों के बदलते खरीद व्यवहार की वजह से इस दिवाली चीनी सामान की बिक्री में गिरावट आई है।
वहीं, 15 फीसदी व्यापारियों ने कहा कि घरेलू बाजार में अब भी चीनी सामान की भरमार है। यह सर्वे देश के 21 शहरों में 24 से 29 अक्तूबर के बीच किया गया था। इन शहरों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद, रायपुर, नागपुर, पुणे, भोपाल, जयपुर, लखनऊ, कानपुर, अहमदाबाद, रांची, देहरादून, जम्मू, कोयंबटूर, भुवनेश्वर, कोलकाता, पुडुचेरी और तिनसुकिया शामिल हैं।
बदली है ग्राहकों की सोच
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि, चीनी सामान की बिक्री में भारी गिरावट भारतीय व्यापारियों की मानसिकता और ग्राहकों के बदलते खरीद व्यवहार को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस साल संगठन ने दिवाली पर चीनी सामान के बहिष्कार के लिए जुलाई में देशभर के व्यापारियों और आयातकों के बीच एक अभियान चलाया था।
इससे चीन से काफी कम मात्रा में माल आयात किया गया और व्यापारियों ने भी स्वदेशी सामान खरीदने पर जोर दिया। इसके अलावा, पिछले साल चीनी सामान के बहिष्कार का एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया था, जिससे चीनी सामान की बिक्री में करीब 30 फीसदी की गिरावट आई थी।