पैन कार्ड को आधार से लिंक करने पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इससे जाली पैन कार्ड बनाने पर रोक लगेगी। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139 एए के तहत पैन कार्ड को आधार से लिंक किया गया है।
सरकार ने कहा कि आधार को कई सेवाओं के लिए जरूरी करने से सरकार को 50 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है जो वो गरीबों के कल्याण पर खर्च करेगी। आधार की मदद से सरकार ने 10 लाख पैन कार्ड कैंसिल कर दिए हैं।
आधार से नहीं बन सकती जाली आईडेंटिटी
सरकार ने कहा कि आधार काफी सुरक्षित है और यह इतना बढ़िया सिस्टम है जिससे किसी भी व्यक्ति की जाली आईडेंटिटी नहीं बन सकती है। सरकार ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को आधार डाटा के साथ छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं है और अगर किसी व्यक्ति का आधार डाटा कर्मचारियों को चाहिए तो उसको भी लेने के लिए कई तरह के नियमों का पालन करना होता है।
आईडेंटिफिकेशन होना जरूरी
रोहतगी ने कहा कि आधार से सरकार किसी भी व्यक्ति के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकती है और इससे काले धन और आतंकियों को पैसे पहुंचने पर भी लगाम लगेगी। सुप्रीम कोर्ट इस वक्त 3 याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिसमें सरकार के आईटी रिटर्न फाइल करने के लिए आधार को जरूरी करने पर विरोध दर्ज किया गया है।