आयकर विभाग ने स्थायी खाता संख्या (पैन) को आधार से जोड़ने की अंतिम तिथि भले ही छह महीने और बढ़ा दी हो, लेकिन आयकर रिटर्न भरने वालों को इसमें कोई राहत नहीं दी है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एक अप्रैल 2019 या इसके बाद दायर होने वाले आयकर रिटर्न में आयकरदाता को पैन के साथ अपना आधार नंबर अनिवार्य रूप से देना होगा।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि एक जुलाई 2017 तक पैन प्राप्त कर चुके आधार धारक यदि एक अप्रैल 2019 या इसके बाद आयकर रिटर्न दायर करते हैं, तो उन्हें आधार संख्या बतानी होगी। फिलहाल रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे आयकरदाताओं को 30 सितंबर तक पैन और आधार को जोड़ने से मोहलत है।
यह छठा मौका है, जब विभाग ने पैन को आधार से जोड़ने की समयसीमा बढ़ाई है। इससे पहले जून 2018 में इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 तय की गई थी। हालांकि, जिन्हें आयकर कानून की धारा 139 एए की उप धारा 3 के तहत छूट मिली हुई है, उन्हें बिना आधार नंबर जोड़े भी रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिलेगी। पैन से आधार संख्या को जोड़ने के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट पर जा कर महज कुछ निर्देशों का पालन करना होगा।