चीन के साथ भारत की सिक्किम और लद्दाख में जारी तनातनी के बीच चीनी मोबाइल कंपनियों --वीवो और ओप्पो में कार्यरत चीनी मूल के लोग देश छोड़कर जा रहे हैं। फिलहाल करीब 400 से अधिक चीनी कर्मचारी भारत से चले गए हैं।
चीनी मोबाइल कंपनियों के नहीं बिक रहे हैंडसेट, 30 फीसदी की गिरावट
डोकलाम पर जारी सीमा विवाद के कारण पिछले दो महीनों में दोनों कंपनियों ने अपनी सेल्स में सबसे बड़ी गिरावट का सामना किया। दोनों कंपनियों का भारत के स्मार्टफोन मार्केट में 22 फीसदी का शेयर है। इसके मुकाबले 30 फीसदी की सेल्स में गिरावट दर्ज की गई।
अब भारतीय कर्मचारियों के हाथ में आई ऑपरेशन की कमान
सेल्स में लगे भारतीय कर्मचारियों को अब जिलेवार कमान दे दी गई है। वीवो और ओप्पो ने अपने लोकल लेवल के मैनेजमेंट में काफी बदलाव कर दिया है। चीन के नागरिकों को भारत में बहुत ही कम अवधि का वीजा मिल रहा है। सबसे बड़ा बदलाव यूपी, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में किया गया है। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में काम करने वाले लोगों को वापस बुलाया गया है।
ओप्पो ने वापस बुलाया अपने सबसे हाई प्रोफाइल नागरिक को वापस
ओप्पो ने विवाद और सेल्स गिरने के बाद अपने सबसे हाई प्रोफाइल अधिकारी विवेक झांग को भी वापस बुला लिया है। विवेक ने हाल ही में कंपनी की आईपीएल में स्पॉन्सरशिप डील कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।