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Zara Hatke: दुनिया की इकलौती जगह, जहां होता पांच नदियों का संगम, जानिए भारत में कहां पर है

Mon, 26 Jan 2026 08:06 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Ajab-Gajab: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पांच नदियों का संगम होता है। यह दुनिया का इकलौता स्थान हैं, जहां पांच नदियां मिलती हैं। इस जगह को पंचनद के नाम से जाना जाता है। 
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दुनिया की इकलौती जगह, जहां होता पांच नदियों का संगम - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Ajab-Gajab: भारत के उत्तर प्रदेश में एक ऐसी जगह हैं, जहां पर पांच नदियों का संगम होता है। इस जगह को पंच नद के नाम से जाना जाता है। सबसे खास बात है कि दुनिया का यह इकलौता स्थान है, जहां पांच नदियों का संगम होता है। यह बेहद पवित्र स्थान माना जाता है, जिसे महा तीर्थराज भी कहा जाता है। 

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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पंचनद स्थित है। यहां पर यमुना, चंबल, सिंध, पहुज, और कुंवारी नदियों का संगम होता है। इस स्थान का ऐतिहासिक महत्व भी है। बताया जाता है कि इसी स्थान पर महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडव ठहरे थे। संगम के पास ही मुचकुंद महाराज का मंदिर भी हैं।

पंचनद तीर्थ में चंबल, सिंध, कुवांरी और पहुज नदियां यमुना नदी में मिल जाती हैं। इस स्थान से जालौन ,इटावा और औरैया की भागौलिक सीमा भी जुड़ी है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले का थोड़ा सा भूभाग भी इस इलाके में पड़ता है। प्राचीन हिंदू पुराणों में भी पंचनद तीर्थ का जिक्र है। 
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श्रीमद् देवी भागवत पुराण के पंचम स्कंध के अध्याय में श्लोक के माध्यम से पंचनद का जिक्र किया गया है। इस स्थान से जुड़ी पौराणिक कथा के मुताबिक, महिषासुर के पिता रम्भ तथा चाचा करम्भ ने पुत्र प्राप्ति के लिए पंचनद पर आकर तपस्या की थी। 

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महाभारत में भी पंचनद का जिक्र किया गया है। कथा के मुताबिक, महाभारत युद्ध खत्म होने के बाद पांडू पुत्र नकुल ने पंचनद क्षेत्र पर आक्रमण कर विजय प्राप्त की थी। विष्णु पुराण में भी पंचनद का विवरण है। पंचनद तीर्थ क्षेत्र में कालेश्वर महादेव का मंदिर भी है। 

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