दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड टूटकर हुआ अलग, प्रकृति का नजारा देखकर दुनिया हैरान
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Iceberg a23a: दुनिया के सबसे बड़े हिमखंड A23a की औसत मोटाई 280 मीटर से कुछ अधिक है, तो वहीं इसका आकार 3900 वर्ग किलोमीटर है। इसका आयतन करीब 1100 घन किमी और द्रव्यमान 1 लाख करोड़ टन से थोड़ा ही कम है। अब यह दक्षिण ऑर्कनी द्वीप समूह के पास अपने बर्फीले घेरे से टूटकर अलग हो गया है। बेहद लंबे समय से यह फंसा हुआ था। उत्तर की तरफ समुद्री यात्रा पर निकल चुका है। वैज्ञानिकों ने कहा कि यह घटना समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण है।
वैज्ञानिक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और कार्बन संतुलन पर इसके प्रभाव को जानने के लिए हिमखंड की यात्रा पर शोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि A23a की गति की निगरानी और स्थानीय पर्यावरण के लिए संभावित जोखिमों का आकलन करने के लिए उपग्रह ट्रैकिंग की जरूरत है।
वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह विशाल हिमखंड, A23a अब टूटकर अलग होने के बाद अंटार्कटिक सर्कम्पोलर करंट पर उत्तर की तरफ बहकर जा रहा है। इस हिमखंड का आकार दिल्ली से दो गुना है। यह हिमखंड 1986 में अंटार्कटिक तट से टूटकर अलग हुआ था। इसकी यात्रा बिल्कुल भी सीधी नहीं रही है। यह दशकों तक समुद्र तल पर जमे रहने के बाद आखिरकार 2020 में वेडेल सागर में चला गया।
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बर्फ के विशालकाय हिमखंड पिघलते हैं, तो समुद्र में बड़ी मात्रा में ताजे पानी और खनिज पोषक तत्व छोड़ते हैं। इस प्रक्रिया से समुद्री जीवन के विकास को मिल सकती है। इससे समुद्र के बंजर क्षेत्रों में समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र बन सकता है। हालांकि, अगर कोई हिमखंड जमीन पर गिरता है, तो यह स्थानीय समुद्री पर्यावरण के लिए खतरा साबित होता है। इससे संभावित रूप से समुद्री तल बाधित होते हैं और मीठे पानी के संतुलन को बदल देते हैं।
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