जब कभी हमारा कोई सामान बस, ट्रेन या ऑटो में छूट जाता है तो उसका वापस मिलना न के बराबर ही होता है, लेकिन एक ऑटो चालक ने इस धारणा को गलत साबित किया है। मुंबई में ऑटो चलाने वाले अमित गुप्ता चाहते तो मिले हुए 80,000 रुपये से अपना कर्ज चुका सकते थे, लेकिन ऐसा करने के बजाय उन्होंने पैसों से भरा बैग उसके मालिक तक पहुंचाकर ईमानदारी की मिसाल कायम की है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, चेंबूर में अरुणोदय इंग्लिश स्कूल चलाने वाली सरला नंबूदिरी ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले 21 दिसंबर को ऑटो लिया और और उतरते समय वह अपना बैग ऑटो में ही भूल गईं। ऑटो से उतरने के बाद सरला को याद आया कि उनका बैग खो गया और वह परेशान हो उठीं। उनके बैग में स्कूल फीस के 80,000 रुपये, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, गाड़ी के कागज, दो मोबाइल फोन के साथ घर और लॉकर की चाबियां थीं।
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सरला ने बताया, 'मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। मैं स्कूल गई और चपरासी को कहा कि वह ऑटो वाले को ढूंढ़ें। एक चपरासी को पास की एक पान की दुकान पर जाने पर पता चला कि उस ड्राइवर का नाम अमित गुप्ता है।' यह पता चलने के बाद सरला पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बारे में सोच ही रही थीं कि तभी ऑटो चालक अमित गुप्ता खुद बैग लौटाने स्कूल आ गया। अमिक ने बताया कि दूसरे यात्री ने यह बैग देखा तब उन्हें याद आया कि यह तो आपका बैद है।
सरला ने आगे बताया कि अमित के जाने के बाद उन्हें याद आया कि वह उसका नंबर लेना भूल गई हैं। वह अमित के लिए कुछ करना चाहती थी। अमित के नंबर के लिए वह पानवाले के पास भी गई, लेकिन उसने दो नंबर दिया वह गलत था।' आखिरकार किसी तरह से जब उन्हें अमित का पता चला तो उन्होंने उसे स्कूल बुलवाया। सरला को तब अमित के परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के बारे में पता चला। इसलिए सरला ने फैसला किया कि वह उनके दोनों बच्चों को फ्री में पढ़ाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने अमित को 10,000 रुपये इनाम के तौर पर भी दिए।