जब कोई अपना दुनिया से चला जाता है, तो दुख होता है। एक खालीपन महसूस होता है, इसलिए हर साल हम उस व्यक्ति को पूजते हैं। कुछ ऐसा ही विभिन्न देशों में होता है। जापान एक ऐसा देश है, जहां के लोग अपने पूर्वजों के लिए हर साल एक त्योहार मनाते हैं, जिसे जापानी भाषा में 'ओ-बोन' कहा जाता है। यह वहां की एक महत्वपूर्ण परंपरा है।
विज्ञापन
2 of 4
obon
ओबोन का त्योहार तीन दिन तक रहता है, हालांकि इसकी शुरुआत की तारीख जापान के विभिन्न क्षेत्रों में अलग होती है। इस दिन जापानी लोग अपने पूर्वजों के घर या गांव जाते हैं। ओ-बोन के पहले दिन लोग घरों को साफ करते हैं और अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर फूल चढ़ाते हैं। इसके पीछे उनका मानना है कि दुनिया से चले जाने के बाद पूर्वज साल का एक दिन चुनते हैं, जब वह अपने परिजनों और दोस्तों से मिलने आते हैं।
विज्ञापन
3 of 4
obon
लोग अपने घरों के बाहर लालटेन लटका देते हैं, ताकि उनके पूर्वजों को घरों तक आने में कोई परेशानी न हो। खूब सारे पकवान बनाए जाते हैं। पहले दिन होने वाले इस कार्यक्रम को मुके-बोन कहा जाता है। पारंपरिक ओ-बोन नृत्य, जिसे जापानी भाषा में 'बोन-ओडोरी' कहते हैं, किया जाता है। खुशी से लोग नाचते-गाते हैं।
त्योहार के आखिरी दिन, परिवार अपने पूर्वजों की आत्माओं को वापस उनकी दुनिया भेजने के लिए सहायता करते हैं। सभी लोग मिलकर उनके नाम के दीये जलाकर नदियों में विसर्जित करते हैं। इस प्रक्रिया को 'ओकिरी-बॉन' कहा जाता है। वह मानते हैं कि उनके पूर्वज यह सब देखकर खुश होते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं।