इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और अल-शाम के नाम से मशहूर आईएसआईएस इराक और सीरिया में तेजी से अपनी पैठ बनाता हुआ एक मुस्लिम आंतकवादी संगठन है।
डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक इस संगठन के लोग अपनेआप को कट्टरपंथी मुसलमान मानते हैं। संगठन के आतंकवादियों ने इराक के कई शोरूम में खड़े पुतलों के चेहरे को नकाब से ढक दिया।
ऐसा करने के पीछे उन्होंने एक चौंकाने वाली वजह दी।
नहीं है शरीयत कानून के मुताबिक
इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसूल में इस संगठन के लोगों ने ऐसा काम किया है।
उनका मानना है कि शरीयत के कानून के मुताबिक किसी भी मूर्ति को इंसान का चेहरा देना गलत है।
उनके अनुसार इंसानी मूर्ति बनाया जाना और चेहरा खुले में दिखने को कानून के खिलाफ माना जाता है।
इस बात का हवाला देते हुए कई शोरूम के सभी स्टैचू फिर चाहें वो मर्द के हों या औरत के, सभी को ढक दिया है।
और भी हैं दबाव
आपको बता दें कि मोसूल में कई ईसाई धर्म के लोग भी काफी पहले से रहते चले रहें हैं।
लेकिन आईएसआईएस के आतंकवादियों ने इन लोगों पर भी अपना धर्म बदलने पर जोर देना शुरू कर दिया है।
उनका कहना है कि सभी ईसाई या तो मुस्लमान बनें या फिर टैक्स दें। ये भी नहीं तो सिर्फ मौत ही उनके लिए सजा है। ऐसे में लोग पड़ोस के क्षेत्र कुर्दिस्तान में शिफ्ट होने लगे हैं।