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इस शहर में छिपा है भारत का सबसे खूबसूरत रहस्य, जानकर खुशी से चहक उठेंगे आप

Tue, 04 Dec 2018 04:58 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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neelakurinji - फोटो : social media
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दक्षिण भारत का खूबसूरत राज्य केरल का एक छोटा सा शहर मुन्नार अपनी वनस्पतियों और अद्भुत समुद्र के लिए जाना जाता है। समुद्र से 1600 मीटर ऊपर बसा ये खूबसूरत शहर लाजवाब चाय, कॉफी, मसालों और मंत्रमुग्ध कर देने वाले दृश्यों के लिए पूरे विश्व में मशहूर है और यही वो शहर है जहां भारत का सबसे खूबसूरत रहस्य छुपा हुआ है। 

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neelakurinji - फोटो : social media
इस रहस्य का नाम है 'नीलकुरिंजी', विश्व का सबसे दुर्लभ फूल जो 12 सालों में सिर्फ एक बार खिलता है और इस दृष्टि से ये साल भाग्यशाली है, क्योंकि इस साल मुन्नार में 'नीलकुरिंजी' खिल चुके हैं।

neelakurinji

- फोटो : social media
नीलकुरिंजी, स्ट्रोबिलान्थस प्रजाति का फूल है। स्ट्रोबिलान्थस फूलों की 350 प्रजातियों में से एक है, जिनमें से 60 प्रजातियां पूरे भारत में उपद्वीपों पर फैली हुई हैं। ये फूलों की एक ऐसी प्रजाति है जिनके जो अलग-अलग समय 10, 12 और 16 सालों में खिलते हैं। लंबे समय तक इंतजार करने वाले वाले ये फूल जा खिलते हैं तो खिल कर पूरी वादियों को नीले चादर की तरह ढंक देते हैं। 

 

- फोटो : BBC
नीलाकुरिंजी एक मोनोकार्पिक पौधा है जो इतने सालों बाद खिलकर मर जाता है। जिसके बाद इसे दोबारा तैयार होने में काफी समय लगता है। ये फूलों की एक ऐसी प्रजाति है जो विश्व में कहीं भी नहीं खिलती। खास बात ये है कि नीलाकुरिंजी के भारत में कई सांस्कृतिक संगठन भी हैं।  

Kurinji - फोटो : kurinji.in
नीलकुरिंजी पर लिखी गयी एक किताब में बताया गया है की केरल की वन जनजाति के लोग इसे इस फूल को प्यार का प्रतीक मानते हैं। कहा जाता है कि उनके भगवान मुरुगा ने एक आदिवासी शिकारी लड़की वल्ली से नीलकुरिंजी के फूलों की माला पहनाकर विवाह किया था। 
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Neelakurinji - फोटो : social media
12 सालों में एक बार खिलने वाले इस दुर्लभ फूल का दृश्य आंखों से जल्दी धूमिल नहीं होता। हालांकि, अब ये फूल शायद 2030 में जाकर खिलेंगे। 
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