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लोहे की टांगों पर दौड़ती है ये भारतीय बच्ची, अमेरिका में भी बनी मिसाल

Fri, 05 May 2017 02:44 PM IST
amarujala.com presented by: श्वेता पांडेय
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बर्मिंगहम में पैदा हुई अनु 7 साल की एक बच्ची है। बाकी बच्चों की तरह उसे भी खेलने-कूदने, डांस करने और दौड़ने का शौक है। उस बच्ची को कभी अपने पैरों की कमी नहीं महसूस हुई क्योंकि उसने अपने सारे शौक अपने 'रनिंग ब्लेड्स' (कृत्रिम पैरों) की बदौलत ही पूरे किए हैं। 
 
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लोहे की टांगों पर दौड़ती है ये भारतीय बच्ची, अमेरिका में भी बनी मिसाल

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छोटी सी उम्र की ये बच्ची बड़े-बड़े लोगों को प्रेरित करने का काम कर रही है। अनु जब पैदा हुई तभी उसके पैरों में कुछ दिक्कत थी। इनफेक्शन न होने की डर से उसके पैरों को काटकर हटा दिया गया। बावजूद इसके आज वो खेल में और दौड़ में अच्छे-अच्छों को हरा सकती है। 
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लोहे की टांगों पर दौड़ती है ये भारतीय बच्ची, अमेरिका में भी बनी मिसाल

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उसने बीबीसी को बताया 'मेरे अपने पैर नहीं हैं लेकिन मैं जो चाहती हूं वो कर लेती हूं, मैं हर रोज पापा के साथ फुटबॉल खेलती हूं। मुझे डांस करना बेहद पसंद है, मेरा फेवरेट कलर पिंक है इसलिए मैनें अपने रनिंग ब्लेड्स (कृत्रिम पैर) का कलर भी पिंक ही लिया। 
 

लोहे की टांगों पर दौड़ती है ये भारतीय बच्ची, अमेरिका में भी बनी मिसाल

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वैसे पिछले पैरालंपिक्स की सफल तस्वीरों को देखकर ब्रिटिश सरकार ने दिव्यांग बच्चों के लिए कई नए तरह के रनिंग ब्लेड्स बनाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि उन रनिंग ब्लेड्स की कीमत 2लाख से लेकर करीब 5 लाख तक है जिसे हर दो साल बाद बदलना पड़ता है। अगली स्लाइड में देखें सात साल की बच्ची अनु का एक वीडियो। 
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यहां देखिए अनु का एक प्यारा वीडियो, ये भारतीय बच्ची अपने अनोखे पैरों से अमेरिका के स्कूल में भी एक मिसाल की तरह देखी जा रही है। 
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