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17 साल पहले बिछड़ गई थीं दो बहनें, सेल्फी ने फिर से मिलाया

Fri, 01 Nov 2019 10:34 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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17 साल बाद मिलीं बिछड़ी हुई बहनें - फोटो : Social media
आज के आधुनिक युग में जहां युवाओं में सेल्फी का क्रेज खूब देखने को मिलता है, वहीं कई लोग इसे किसी तरह के श्राप की तरह भी देखते हैं। पूर्व में सेल्फी लेने के चक्कर में कई युवाओं के जान गंवा देने की खबर सामने आई थी। इसके बाद से ही समाज का एक वर्ग सेल्फी क्रेज का घोर विरोधी हो गया था। लेकिन दक्षिण अफ्रीका में बचपन में बिछड़ी दो बहनों के लिए यही सेल्फी वरदान साबित हुआ है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन शहर में रहने वाली दो बहनें 17 साल पहले तब जुदा हो गईं थीं, जब जन्म के तीन दिन बाद ही एक बहन को अस्पताल की एक नर्स ने चुरा लिया था। सेल्फी के जरिए यह दोनों बहनें आज वापस एक दूसरे से मिलने में कामयाब हो गईं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
केपटाउन की रहने वाली सेलेस्टे की बेटी मिशे तीन वर्ष की थी, जब उन्होंने 30 अप्रैल 1997 को दूसरी बेटी को जन्म दिया। जन्म के तीन दिन बाद ही उनकी नवजात बेटी को अस्पताल की ही एक नर्स ने चुरा लिया था, जिसके कारण मिशे अपनी छोटी बहन से बिछड़ गईं थीं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
20 वर्षीय मिशे ज्वानस्वाक हाई स्कूल के अंतिम वर्ष में थीं, तभी वहां कैसिडी ने एडमिशन लिया। दोनों का स्कूल में अक्सर आमना सामना होता रहता था। दोनों की दोस्त अक्सर उनसे कहा करती थीं कि तीन वर्ष का अंतर होने के बावजूद दोनों बिल्कुल एक-दूसरे की तरह ही दिखती हैं। इसके अलावा जब भी दोनों एक-दूसरे से मिलती थीं, उन्हें एहसास होता था कि दोनों के बीच शायद कोई रिश्ता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एक दिन मिशे ने कैसिडी के साथ सेल्फी ली और अपने दोस्तों को दिखाई तो सबने एक ही सवाल किया कि क्या वे दोनों पक्का मानती हैं कि उनके माता-पिता ने उन्हें गोद नहीं  लिया है। अपने दोस्तों द्वारा इस तरह का सवाल पूछे जाने पर मिशे भी शंका में आ गईं जिसके बाद उन्होंने कैसिडी के साथ ली अपनी सेल्फी अपने माता-पिता को दिखाई फोटो देख कर मिशे की मां चौंक गईं और उन्होंने आशंका जताई कि शायद कैसिडी मिशे की खोई हुई बहन है। इसके बाद मिशे को इस बात की जानकारी हुई कि बचपन में उनकी बहन चोरी हो गई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मिशे ने कैसिडी से पूछा कि क्या उसका जन्म 30 अप्रैल 1997 को हुआ था तो कैसिडी ने कहा हां। जिसके बाद पूरे मामले की खबर पुलिस को दी गई। कैसिडी का डीएनए टेस्ट भी कराया गया जो मिशे व उनके परिवार के डीएनए से मैच हो गया। इसके बाद पुलिस ने कैसिडी को बचपन में चुराने वाली नर्स लोनोवा को गिरफ्तार कर लिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कैसिडी को इस बात पर यकीन ही नहीं हो रहा है कि उसकी मां लोनोवा ने उसे बचपन में चुराया था और वह लोनोवा की अपनी औलाद नहीं है। इसका एक कारण यह भी है कि लोनोवा ने कैसिडी की परवरिश लाड़-प्यार से किसी राजकुमारी की तरह की है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अदालत में यह दलील दी गई कि लोनोवा ने कैसिडी को इसलिए चुराया क्योंकि उसे गर्भपात हो गया था और वह बच्चे की चाह में थी। कोर्ट ने लोनोवा को दस वर्ष की सजा सुनाई है। इधर कैसिडी तय नहीं कर पा रही थी कि वह अपने जैविक माता-पिता के पास जाए या अपने घर जाए जहां वह लोनोवा और अपने तीन अन्य भाई बहनों के साथ रहती थी। लोनोवा के जेल जाने के बाद कैसिडी के तीनों भाई-बहन शासन की कस्टडी में हैं। अंत में कैसिडी अपने असली माता-पिता के घर चली गई। शायद लोनोवा के रिहा होने के बाद कैसिडी वापस उनके साथ रहने आ जाए।
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