दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाली महिलाओं के लिए यह बात कोई नई नहीं कि ज्यादातर लड़कियां ऑफिस या कॉलेज जाने के लिए कैब या बस की बजाय मेट्रो को चुनती हैं। इसकी वजह है, समय की पाबंदी और सुरक्षा। लेकिन, जनरल कोच में यात्रा करते हुए कई बार ऐसे अनुभव सामने आते हैं जो इस सोच पर सवाल खड़े कर देते हैं। बहुत सी महिलाएं इसलिए वुमन कोच में जाना ज्यादा सुरक्षित समझती हैं क्योंकि जनरल कोच में कुछ लोग मौके का फायदा उठाकर गलत हरकतें कर बैठते हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी पोस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट
हाल ही में, दिल्ली मेट्रो के कालकाजी स्टेशन पर एक ऐसी ही चौंकाने वाली घटना घटी, जिससे यह साफ हो गया कि दिन के उजाले में और भीड़-भरे डिब्बे में भी कुछ लोग बेहिचक गलत हरकतें कर सकते हैं। इसका जिक्र एक महिला ने रेडिट पर अपनी पोस्ट में किया। उसने लिखा, “मैं वायलेट लाइन पर कालकाजी स्टेशन से मेट्रो में चढ़ी थी। रात भर नींद नहीं आई थी, थकी हुई थी। वुमन कोच कुछ दूरी पर था और थकावट के चलते मैंने जनरल कोच में ही चढ़ना ठीक समझा। लगा, कुछ नहीं होगा।”
महिला ने साझा की आपबीती
वह आगे लिखती है, “मेट्रो खचाखच भरी हुई थी। मैं दरवाजे के पास लगी कांच की दीवार के सहारे आंखें बंद करके खड़ी थी। तभी मुझे सीने पर कुछ हल्का सा स्पर्श महसूस हुआ। पहले लगा कि शायद किसी की कोहनी लगी हो, लेकिन जब नीचे देखा, तो पाया कि वह कोहनी नहीं बल्कि एक पूरा हाथ था।” महिला ने बताया कि वह तुरंत पीछे हटी, लेकिन तब तक वह व्यक्ति भीड़ में गुम हो चुका था। वह उसका चेहरा नहीं देख पाई, मगर याद रहा कि उसने हल्की नीली शर्ट पहन रखी थी, काला HP बैग उसके पास था और नीले नेकबैंड ईयरफोन लगाए हुए थे।
यूजर्स ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
उसने आगे लिखा, “मुझे बेहद घिन आ रही है। सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि मैं खुद को ही कोस रही हूं। समझ नहीं आ रहा कि पुलिस को क्या बताऊं, क्योंकि मेरे पास कोई सबूत नहीं है। मैं बार-बार सोच रही हूं कि आखिर क्यों मैं वुमन कोच की तरफ नहीं गई।” इस पोस्ट पर रेडिट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने कहा, “जो हुआ वो बहुत गलत है, लेकिन इसमें आपकी कोई गलती नहीं है।” एक और यूजर ने लिखा, “हैरानी होती है कि कुछ लोग भीड़ का फायदा उठाकर भी ऐसी हरकतें कर जाते हैं।”