पिता ने सुनाई प्रयागराज के कब्रिस्तान की कहानी
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प्रयागराज शहर से करीब 13 किलोमीटर दूर बैरहना नाम की जगह है। यहां एक बहुत पुराना कब्रिस्तान है, जिसे लोग "गोरा कब्रिस्तान" कहते हैं। यह करीब 168 साल पुराना है। माना जाता है कि इसमें 600 से ज्यादा अंग्रेज अफसरों की कब्रें हैं। यह कब्रिस्तान अपनी खूबसूरत नक्काशी और डिजाइन के लिए बहुत मशहूर है। दिन में यहां लोग घूमने और देखने आते हैं, लेकिन शाम के 6 बजे के बाद यहां किसी को आने की इजाजत नहीं होती। सरकार ने खुद इस जगह की सुरक्षा का जिम्मा ले रखा है। इस जगह को शाम को बंद करने के पीछे एक डरावनी कहानी जुड़ी है, जो यहां के लोगों के बीच बहुत मशहूर है। तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
रुपेश ने देखा भूत?
ये बात जुलाई की है। कीडगंज इलाके में रहने वाला 24 साल का युवक, जिसका नाम रुपेश था, एक शादी से लौट रहा था। वो स्कूटर से घर जा रहा था। रास्ते में कब्रिस्तान से थोड़ी दूर एक नकाब पहने लड़की ने उससे लिफ्ट मांगी। रुपेश ने उसे स्कूटर पर बैठा लिया। जब वह लड़की कब्रिस्तान के पास उतरी तो जाते-जाते रुपेश ने उसका चेहरा देख लिया। घर आने के बाद रुपेश की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। अगले ही दिन उसकी मौत हो गई। उसके पिता मूलचंद का कहना है कि उसकी मौत साधारण नहीं थी, बल्कि उसका सीधा संबंध गोरा कब्रिस्तान से है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
स्थानीय लोगों के मुताबिक ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है। अब तक चार लोग ऐसी ही रहस्यमयी घटना के शिकार हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि रात के वक्त एक नकाबपोश औरत उस रास्ते पर दिखाई देती है। वह लिफ्ट मांगती है और जो भी उसे लिफ्ट देता है, उसे अपना चेहरा दिखाती है। इसके बाद वह इंसान बीमार हो जाता है और कुछ ही दिनों में उसकी मौत हो जाती है। कुछ लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं तो कुछ इसे किसी की चाल या मजाक भी कह रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन कोई पक्का सबूत नहीं मिला। बता दें कि अमर उजाला डिजिटल ने भी इस कहानी की पुष्टि नहीं की है।
ब्रिटिश अफसरों को भी दफनाया गया है
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में इतिहास पढ़ाने वाले प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी का कहना है कि यह कब्रिस्तान ब्रिटिश जमाने का है और बहुत खास तरीके से बनाया गया है। यहां अंग्रेज अफसरों को महंगे कपड़े और गहनों के साथ दफनाया गया था। उनकी कब्रों पर कीमती धातुओं की प्लेटें लगी थीं। जब देश आजाद हुआ और लोगों को इसकी जानकारी हुई तो चोरों ने वो प्लेटें चुरा लीं।