दुनिया में किसे कहा जाता है नहरों का देश?
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Country of Canals: आपने पानी पर बसे देश के बारे में सुना होगा। जहां लोग सड़कों की जगह नहरें और नावों पर लोग सफर करते हैं। हालांकि, दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जिसे नहरों का देश कहा जाता है। इस देश में सैकड़ों किलोमीटर लंबी नहरें हैं। इन नहरों को बाढ़ से बचाव और पानी के बहाव को कंट्रोल करने के लिए बनाया गया था। आइए जानते हैं किस देश को नहरों का देश कहा जाता है।
दरअसल, उत्तर-पश्चिमी यूरोप में स्थित नीदरलैंड एक खूबसूरत देश हैं, जिसे नहरों का देश कहा जाता है। देश को सुंदर और जटिल नहर प्रणालियों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। नहरें यहां की इंसानी सोच और प्राकृतिक सुंदरता के बीच एक आदर्श तालमेल दर्शाती हैं।
नीदरलैंड का अधिकतर भाग समुद्र तल से नीचे है। सैकड़ों साल पहले यहां के लोगों ने बाढ़ को नियंत्रित करने, व्यापार को बढ़ाने और जमीन को रहने लायक बनाने के लिए नहरों का निर्माण किया है। समय बीतने के साथ यह जलमार्ग देश की जीवन रेखा बन गए। नहरों ने यहां के शहरों, अर्थव्यवस्था और जीवनशैली को एक नया रूप दिया है।
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क्यों कहा जाता है नहरों का देश?
नीदरलैंड को आपस में जुड़े जलमार्गों के विशाल नेटवर्क की वजह से यह नाम दिया गया है। नहरों का नेटवर्क देश के करीब हर हिस्से में फैला है। पहले निचले इलाकों से अतिरिक्त पानी निकालने और बाढ़ को नियंत्रित करने के लिए नहरों को बनाया गया था। लेकिन बाद में ये नहरें परिवहन, व्यापार और खेती के लिए भी बेहद जरूरी हो गईं। यहां के लोगों ने इस मुश्किलों से भरे इलाके को दुनिया की सबसे कुशल जल प्रबंधन प्रणालियों में से एक में बदलकर रख दिया। रोजमर्रा की जिंदगी, पर्यटन और पर्यावरण को बनाए रखने में नहरों की अहम भूमिका है।
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इस शहर को कहा जाता है नहरों की राजधानी
राजधानी एम्स्टर्डम को आकर्षक नहर नेटवर्क की वजह से ''उत्तर का वेनिस" कहा जाता है। इस शहर में 165 से ज्यादा नहरें हैं, जो 100 किमी से ज्यादा लंबी हैं। साथ ही 90 द्वीप और 1,500 पुल हैं। यहां पर 17वीं सदी में बना नहरों का एक घेरा है, जिसे Grachtengordel कहा जाता है। यूनेस्को की तरफ से विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिला हुआ है। सुरक्षा और व्यापार के लिए बनाई गई नहरें अब पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।