सोचिए आप एक ऐसे विमान में बैठे हैं जो अचानक आग की चपेट में आ जाता है। चारों ओर लोग घबराए हुए हैं और सभी अपनी जान बचाने के लिए बाहर भाग रहे हैं। इसी बीच एक पिता ऐसा काम करता है, जिसे देखकर लोग गुस्से में आ गए। वह अपने बच्चे को लेकर इमरजेंसी स्लाइड से उतर रहा होता है, लेकिन उसके एक हाथ में भारी बैग भी होता है। बैग का वजन इतना होता है कि वह फिसलकर गिर जाता है। हालांकि उसका बच्चा सुरक्षित बच जाता है, लेकिन इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। लोग पिता के इस व्यवहार की जमकर आलोचना भी कर रहे हैं। तो आइए विस्तार से जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह घटना
यह मामला अमेरिका के डेनवर एयरपोर्ट का है। वहां से मियामी के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट को टेक ऑफ से ठीक पहले रोकना पड़ा। यह विमान रनवे पर था, तभी उसके लैंडिंग गियर में खराबी आ गई और उसमें आग लग गई। उस समय विमान में 173 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स मौजूद थे। आग की गंभीरता को देखते हुए सभी यात्रियों को तुरंत इमरजेंसी स्लाइड के जरिये बाहर निकाला गया।
बच्चे को छोड़कर पिता ने बचाई अपनी जान
घटना के दौरान एक वीडियो रिकॉर्ड हुआ, जो अब सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति अपने बच्चे को लेकर नीचे उतरता दिखाई देता है, लेकिन उसके हाथ में एक भारी बैग भी होता है। जैसे ही वह जमीन पर उतरता है, बैग की वजह से उसका संतुलन बिगड़ जाता है और वह गिर जाता है। सौभाग्य से उसका बच्चा सुरक्षित रहता है।
वीडियो पर यूजर्स ने दी ऐसी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई लोगों ने पिता की आलोचना करते हुए कहा कि आपातकाल के समय सबसे पहले जान बचाना ज़रूरी होता है, न कि सामान। एक यूज़र ने लिखा, "प्लीज ऐसे माता-पिता मत बनो, जो बैग को बच्चे से ज्यादा अहमियत दें।" एक और ने कहा, "अगर कोई इमरजेंसी में बैग लेकर भागेगा तो झगड़ा तय है।" वहीं किसी ने सवाल उठाया, "क्या ये लोग फ्लाइट में दी जाने वाली सुरक्षा जानकारी को कभी ध्यान से सुनते नहीं हैं?"
घटना में सभी लोग हैं सुरक्षित
बता दें कि फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने जानकारी दी कि यह हादसा दोपहर 2:45 बजे हुआ था। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बस के जरिये टर्मिनल तक पहुंचाया गया। सिर्फ एक व्यक्ति को एहतियातन अस्पताल ले जाया गया। यह घटना हमें यह सिखाती है कि इमरजेंसी के समय सामान नहीं, बल्कि जान सबसे कीमती होती है। ऐसी स्थिति में शांत रहकर सही फैसला लेना ही सबसे जरूरी होता है।