वायरल तस्वीर में दिखी भगवान गणेश वाली घड़ी
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। एक तस्वीर में वो भगवान गणेश वाली एक लग्जरी घड़ी पहने हुए दिख रहे हैं। सार्वजनिक बातचीत के दौरान दिखी उनकी यह घड़ी, भारतीय आध्यात्मिकता में मादुरो की व्यक्तिगत रुचि की पुष्टि करती है। वह हाथ में कलावा बांधे हुए दिखते हैं। हिंदू धर्म से जुड़ाव का श्रेय उनकी पत्नी को जाता है। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स सत्य साईं बाबा के अनुयायी हैं। आपको बता दें कि निकोलस मादुरो कैथोलिक धर्म के हैं।
फोटो और वीडियो में वो कलावा (पवित्र धागा) पहने देखे जाते हैं। हिंदू धर्म में उनकी आस्था का इससे भी पता चलता है कि वेनेजुएला ने एक बार ओम (ॐ) प्रतीक वाले राष्ट्रीय दिवस के निमंत्रण पत्र जारी किए थे। अब भगवान गणेश वाली घड़ी भी इस सूची में शामिल हो गई है।
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कैसे सत्य साईं बाबा से जुड़े?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मादुरो का परिचय सत्य साईं बाबा से उनकी पत्नी ने करवाया था, जबकि वे कैथोलिक परिवार में पले-बढ़े थे। 2005 में मादुरो और उनकी पत्नी सत्य साईं बाबा से मिलने आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी इलाके में प्रशांति निलयम आश्रम गए थे।
सामने आई एक तस्वीर में मादुरो आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा के चरणों में सिर झुकाए हुए दिख रहे हैं। वेनेजुएला के राजधानी काराकास में राष्ट्रपति भवन मिराफ्लोरेस पैलेस में मादुरो के प्राइवेट ऑफिस के अंदर भी आध्यात्मिक नेता की एक फ्रेम की हुई तस्वीर भी लगी हुई थी।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सत्य साईं बाबा संगठन ने बताया है कि आध्यात्मिक गुरु की महासमाधि के बाद, वेनेजुएला की असेंबली ने शोक प्रस्ताव पास किया और 24 मई 2011 को राष्ट्रीय शोक दिवस भी घोषित किया। इसकी अगुवाई मादुरो ने की थी, जो उस समय विदेश मंत्री थे। वेनेजुएला की राजधानी काराकास में 1974 में पहला साईं सेंटर खोला गया था। मानवीय मूल्यों पर आधारित पहली वर्कशॉप 1987 में हुई थी।
सत्य साईं बाबा का वेनेजुएला से संबंध 1970 के दशक में शुरू हुआ। वेनेजुएला की दो भक्त, अर्लेट मेयर और एलिजाबेथ पामर, 1972 में गुरु से मिलने आईं, जिनमें से अर्लेट उनकी पक्की भक्त बन गईं। उन्होंने उन पर लिखी एक किताब, जिसका नाम 'मैन ऑफ मिरेकल्स' था, का स्पेनिश में अनुवाद किया और 22 अगस्त 1974 को काराकास में पहला साईं सेंटर खोला।