भारतीय पौराणिक ग्रंथों में पाताल लोक का जिक्र कई बार मिलता है। रोचक बात यह है कि भारत के अलावा दुनिया की कई दूसरी सभ्यताओं में भी धरती के नीचे बसे रहस्यमयी लोकों का जिक्र किया गया है। अब सवाल यह है कि पाताल लोक केवल धार्मिक या आध्यात्मिक अवधारणा है या सच में इसका कोई अस्तित्व है? इसका कोई वैज्ञानिक आधार है? भूविज्ञान के मुताबिक धरती के नीचे क्रस्ट, मेंटल और कोर है। यहां पर जीवन की संभावना न के बराबर है। फिजिक्स ऑफ द अर्थ एंड प्लानेटरी इंटीरियर्स जर्नल में प्रकाशित हुई स्टडी ने इस बारे में बताया कि पृथ्वी का कोर मोल्टन और सेमी सॉफ्ट पदार्थ से मिलकर बना है। यहां पर तापमान और प्रेशर इतना ज्यादा है कि कोई इंसान तो क्या यहां किसी उपकरण को भी पहुंचाना काफी मुश्किल काम है।