चंद्रमा की सतह
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अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने से पहले उन्हें भूगर्भ शास्त्र की जानकारी जरूरी थी। इसके लिए उन्हें हवाई द्वीप, मेक्सिको, आइसलैंड और जर्मनी जैसे देशों का दौरा कराया गया। यहां, अंतरिक्ष यात्रियों को चट्टानों, ज्वालामुखी के बनने-बिगड़ने और उल्का पिंडों की वजह से होने वाले गड्ढों के बारे में जानकारी दी गई। अपोलो 15 कमांड मॉड्युल के पायलट अल वर्डेन का कहना है कि इन दौरों से मिली जानकारी उनके लिए काफी महत्वपूर्ण थी।