पाचन क्रिया और वज़न घटाने को लेकर पहले से ही काफी भ्रम हैं और कुछ वैसा ही भ्रम इस बात को लेकर भी है कि जो चर्बी घटाई जाती है उसका क्या होता है। लेकिन अब इसका जवाब दिया है प्रोफ़ेसर एंड्र्यू जे ब्राउन और रिसर्चर रूबेन मीरमान ने। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में उनके जवाब प्रकाशित हुए हैं जिसके अनुसार नीचे लिखी ये बातें सामने आईं।
दरअसल, चर्बी, कार्बन डाइ ऑक्साइड और पानी में तब्दील हो जाती है। कार्बन डाई ऑक्साइड को हम सांस छोड़ने के दौरान शरीर से बाहर निकाल देते हैं। रही बात पानी की तो ये विभिन्न शारीरिक क्रियाओं से होता हुआ अंत में पेशाब के रूप में बाहर निकल जाता है। बल्कि हम जो कुछ भी खाते हैं वो कार्बन डाइ ऑक्साइड रूप में हमारे फेफड़ों से बाहर फेंक दिया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हम जो भी कार्बोहाइड्रेट और वसा लेते हैं वो कार्बन डाइ ऑक्साइड और पानी में टूट जाता है। साथ ही अल्कोहल के रूप में भी।
ही प्रक्रिया प्रोटीन के साथ भी होती है। हालांकि कुछ चीज़ें यूरिया और दूसरे ठोस के रूप में भी बंट जाती हैं और बाद में मल के रूप में, पसीने के रूप में या यूरीन के रूप में शरीर से बाहर निकल जाती हैं। सिर्फ़ फ़ाइबर्स ही ऐसे होते हैं जो हमारे पेट तक पहुंचते हैं और पाचन क्रिया के बाद बचा हुआ अवशेष मल के रूप में बाहर आता है। अब अगर इस बात को सच माना जाए तो ये पता चलता है कि चर्बी का एक हिस्सा फेफड़ों से कार्बन डाइ ऑक्साइड के रूप में बाहर निकलता है। तो क्या अगर हम जल्दी-जल्दी और तेज़-तेज़ सांसें लें तो वज़न कम कर सकते हैं?नहीं।।। प्रोफ़ेसर एंड्र्यू जे ब्राउन और रिसर्चर रूबेन मीरमान ऐसा नहीं करने की चेतावनी देते हैं। वो कहते हैं ऐसा करने से चक्कर आ सकते हैं और ऐसा भी हो सकता है कि वो शख़्स बेहोश हो जाए। तो ऐसे में हेल्दी तरीक़े से वज़न कम करने का एकमात्र तरीक़ा सिर्फ़ यही है कि एक ओर डाइट में कैलोरी की मात्रा कम की जाए और इसके साथ-साथ फ़िजिकल एक्टिविटी पर ज़ोर दिया जाए।