साउथ अफ्रीका के ईथोपिया और सोमालिया के बीचोबीच बसती है बोराना जनजाति। 500 हजार लोगों की इस जनजाति में लोगों की जो मान्यतांए हैं वो आपको हैरत में डाल ही देंगी।
डेली मेल के मुताबिक इस जनजाति में औरतों से ज्यादा मर्दों का दबदबा होता है। जहां मर्द गांव की जीवनशैली और जानवरों का पूरा ध्यान रखते हैं वहीं घर सजाने और सारी परंपराएं निभाने की जिम्मेदारी औरतों को दी जाती है।
हैरत में डालने वाली बात ये है कि इस बोराना जनजाति में लड़कियों को शादी होने से पहले तक सिर का एक बड़ा हिस्सा मुंडवा कर रखना होता है। ये कटोरे जैसे आकार में मुंडा होना चाहिए यानी के सिर के बीचोबीच।
मिलता है बढ़िया वर
ऐसा करने से बोराना वासी मानते हैं कि लड़की को अच्छा घर और बढ़िया वर मिलता है। यहां लड़कियों को ठीक से बाल बढ़ाने और उसे संवारने का मौका तभी दिया जाता है जब उनकी शादी हो जाती है।
शादीशुदा औरतें अपने बालों को मुलायम और चमकदार बनाए रखने के लिए उस पर घी लगाती हैं। वहीं दूसरी ओर गांव में सबसे लकी लड़का उसे माना जाता है जो अपने बाल सबसे लंबे रखता है। ऐसा करने से वो लड़की जैसा तो दिखता है पर उन्हें इज्जत की नजरों से देखा जाता है।
आपको जानकर विस्मय होगा कि ये लोग फोटो खिंचवाना अच्छा नहीं मानते। मानते हैं कि ऐसा करने से शरीर में खून की कमी हो जाती है और छाया भी नहीं बनती।
आ रहा है बदलाव
लेकिन समाज बदलने के साथ ही इन लोगों में भी बदलाव आ रहा है। अब ये लोग पढ़ाई-लिखाई की तरफ तेजी से बढ़ रहें हैं। इनके समाज में थोड़ा खुलापन आया है।
लड़कियां गांव छोड़कर शहरों की तरफ काम करने के लिए सेटल हो रही हैं। वो पुरानी मान्यताओं को दरकिनार करते हुए नए समाज और नई सोच की तरफ अग्रसर हैं।
लेकिन फिर भी इस जनजाति की मान्यताएं किसी को भी अवाक छोड़ देने के बिल्कुल काबिल है। ये लोग नोमैड होते हैं और वक्त-वक्त पर खेती और अपने जानवरों को लेकर एक जगह से दूसरे जगह थोड़े वक्त के लिए सेटल होते हैं।