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बच्चे करते हैं दुनिया की ये 5 सबसे खतरनाक नौकरियां

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बुल फाइटिंग के दीवाने में कई लोग हैं। आपने हकीकत या फिर वीडियो में सांडों की लड़ाई और सांडों से लोगों की जानबूझकर की गई भिड़ंत को देखा होगा।
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ऑडी के मुताबिक स्पेन इस गेम के लिए काफी मशहूर है। लेकिन स्पेन के साथ ही ये खेल अमेरिका और मेक्सिको जैसी जगहों पर भी पॉपुलर हैं।

ना सिर्फ देखने वाले को इसमें मजा आता है बल्कि ऐसे भी लोग हैं जो सांडों की लड़ाई में मैटाडोर बन उन्हें संभालने या उनसे भिड़ंत का काम करते हैं।

स्पेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों को मैटाडोर नहीं बनाया जाता है। वहीं मेक्सिको में बुल फाइटिंग ऐकैडमीज होती हैं जो छह साल तक के बच्चों को भर्ती करती हैं।

इस काम को अपना पेशा चुनने वाले बच्चे काफी गंभीर चोटों के शिकार होते हैं। कई सांडों की लड़ाई में विक्षिप्त या मृत्यु को भी प्राप्त हो जाते हैं।

ड्रग स्मगल करने के लिए बना देते हैं गधा

कई ऐसे खूफिया संगठन हैं जो गैर कानूनी रूप से ड्रग एक देश से दूसरे देश तस्करी करने के लिए किशोर बच्चों को निशाना बनाते हैं।

अमेरिका समेत कई देशों में ऐसे बहुत सारे बच्चे हैं जो खुद भी ड्रग के लती होते हैं।

ड्रग म्यूल या यूं कहें कि ड्रग स्मगल करवाने के लिए बच्चों को रखा जाता है। सस्ते दामों या फिर बदले में ड्रग्स देने का वादा कर ऐसा बच्चों से करवाया जाता है।

पढ़ा-लिखाकर बनाओ जासूस

अमेरिका में अभी कुछ सालों पहले एक रूस का स्पाई रिंग का खुलासा हुआ था। पता चला कि कई सारे ऐसे जासूस जो देश में गलत काम को फैलाने में संगठनों की मदद करते हैं, वो अपने बच्चों को इसी काम के लिए बचपन से ट्रेन कर रहें हैं।

वो बच्चों को अपनी ही जगह पर भरने के लिए अमेरिका के बढ़िया स्कूलों में नए नाम और पहचान के साथ बचपन से ही स्किल्ड बनाने में लग जाते हैं।

कई भाषाओं पर पकड़ और अन्य जासूसी बातें और चालें, सभी वहीं सिखाकर, जब बच्चे बड़े हो जा रहें हैं तो उसे अमे‌रिका जैसे देश के खिलाफ इस्तेमाल में लाते हैं।

पुरोहितों के लिए यौन दासियां बनाई जाती हैं लड़कियां


क्या आप जानते हैं साउथ अफ्रीका के घाना में त्रोकोसी परंपरा के तहत ईव जनजाति में किशोर लड़कियों को वहां के पूजन स्‍थल के पुरोहितों के पास जिंदगी भर के लिए बंधक गना दिया जाता है।

उनसे कड़े काम करवाया जाता है और उनका यौन शोषण होता है। भगवान के नाम पर उन्हें ऐसा करने को कहा जाता है।

उनका बस एक ही काम होता है, वो है बच्चे पैदा करते रहना। इसमें ऐसी भी कई लड़कियां होती हैं जिन्हें चोरी करने पर पकड़े जाने पर और खून करने के आरोप में मंदिरों को दान दे दिया जाता है।

अब हाल ये है कि कई लड़कियां कई पुश्तों से यौन बंधक बने रहने को मजूबर हैं। उन्हें याद भी नहीं कि उनके मां पर ऐसा क्या इल्जाम लगा होगा कि उन्हें भी पुश्त दर पुश्त ऐसा बनना पड़ रहा है।
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बच्चों से बना दी है आर्मी

किसी भी जंग को आखिरी लड़ाई कहा जा सकता है। लेकिन हैरत होती है जानकर कि विश्व में ऐसे कई देश है जहां छोटे बच्चों को बचपन से ही युद्घ के लिए तैयार किया जाता है।

आज की तारीख में लगभग ऐसे 200000 से भी ज्यादा बच्चे हैं जिन्हें मध्य अफ्रीकी देशों, म्यांमार, अफगानिस्तान, बाहरेन और मिडिल ईस्ट में सेना  में भर्ती कर उनकी ट्रेनिंग शुय कर दी जाती है।

बचपन से ही कई तरह के असलहें और अन्य चीजों के साथ वो ना सिर्फ अपनी जान को खतरे में डालते हैं बल्कि अपनी सोच को भी पूरी तरह से बदल लेते हैं। कई बार काफी गलत बार।
 
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