भारत के अलग-अलग क्षेत्रों और जाति जनजातियों में होली के अलग-अलग रंग रूप दिखाई देते हैं। इनकी विविधता और परंपराएं होली के रंगों को एक नया ही रूप देते हैं क्योंकि जहां इनमें एक तरफ हंसी-खुशी और नए रिश्ते जुड़ने का आनंद होता है वहीं इनमें गम के आंसू और मातम का दर्द भी होता है। आइये देखें होली के ऐसे ही अजब-गजब रंग।
मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में होली की एक अनूठी परंपरा है। यहां लोग होली के दिन एक दूसरे पर अंगारे फेंकते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से होलिका राक्षसी का अंत होता है। मध्यप्रदेश के मालवांचल के आगरमालवा जिले में होली का त्योहार अनूठे तरीके से मनाया जाता है। ग्रामीण शक्कर के बने गहनों को पहनकर होलिका की पूजा करते हैं। आगरमालवा के ग्रामीण क्षेत्रों में इस वक्त हलवाइयों की दुकानों पर शक्कर के बने हार और कंगन बिकते हैं। वहीं कर्नाटक के धाड़वाड़ जिले के बिड़ावली गांव में भी होली की ऐसी ही एक परंपरा मनाई जाती है जिसमें लोग अंगारों से होली खेलते हैं।