इस छोटी बच्ची का नाम है लिली मुलिन। इसकी मां अगर घर में न हो तो ये सब कुछ जाए। यहां तक की बाथरूम में रखा सारा सामान और ड्राइंग रूम का सोफा भी।
दो साल लिली मुलिन को नैचुरल फूड में दिलचस्पी कम है। इसे बिना न्यूट्रिशन की चीजें खाने की लत लग गई है। इस बच्ची से कुछ भी नहीं बचा है। ये ब्रश, शॉवर पफ्स और कपड़े खा जाती है। यहां तक की ये टॉयलेट ब्रश भी खा जाती है।
दो बच्चों की मां केट ओविंगटन को इस बच्ची पर कड़ी निगरानी रखनी पड़ती है।
'मेरे बालों में लगा पोनी टॉय खा जाती है लिली'
केट कहती हैं कि उन्हें इस बात की बहुत चिंता होती है
कि अब लिली क्या खाने वाली है? मैं उसे हमेशा बताती हूं कि जो चीजें वो
खाती है, वो उसे नुकसान पहुचाएंगी। लेकिन वो मेरी बात को समझती ही नहीं है।
वह
मेरे बालों में लगे पोनी टॉय को खींच लेती है और खा जाती। जब मैं इसे यह
करने से रोकती हूं तो वह इसे तकिए नीचे छिपा देती है और मेरी आखों को धोखा
देकर वो इसे खा जाती है।
मुझे हर बार यही चिंता होती है कि अब लिली क्या खाने वाली है। उसे बालों और रेसों वाली हर चीज पसंद है।
दूसरे बच्चों से अलग है इस बच्ची की आदतें
लिली ने जब चीजों को खाना शुरू किया तो उसकी मां केट को अन्य बच्चों की तरह ही लिली की आदत लगी कि बच्चे तो कुछ भी मुंह में डाल लेते हैं। लेकिन उन्हें बाद में ये जानकर हैरानी हुई कि लिली की आदत दूसरों बच्चों से अलग थी। वो प्लास्टिक और कांच की चीजें खा जाती थी।
लोग कहते हैं कि वो बच्ची है लेकिन मुझे लगता है कि वो एक बच्ची से कहीं ज्यादा है। केट कहती हैं कि मुझे लिली के लिए हमेशा हाइजीन की फिक्र होती है।
डॉक्टर लिली के व्यवहार को देखकर चकित हैं। उन्हें अनुमान है कि ये एक प्रकार की बीमारी पिका हो सकती है। लिली के स्कूल टीचर भी उसकी इस आदत से हैरान है। लिली जैसे-जैसे बड़ी हो रही है उसकी नैचुरल फूड खाने की आदत खराब होती जा रही है। जिससे उसके भविष्य को लेकर उसकी मां चिंतित हैं।
लिली की मां केट बताती हैं कि एक बार उसके पार्टनर लिआम के फोन की स्क्रीन टूट गई थी। तभी हम लोग ये देखकर हैरान हुए कि लिली टूटी हुई स्क्रीन के टुकड़ों को खा रही थी। ये विश्वास करना तब बहुत कठिन हो जाता है जब ऐसा करने वाली महज दो साल की बच्ची हो।
'पहेली बनी इस बीमारी की असल वजह'
चैलेंजिंग बिहेवियर फाउंडेशन के प्रवक्ता के मुताबिक पिका एक प्रकार की बीमारी है जिसमें पत्थर, सिक्के, शैम्पू, सिगरेट बट, कपड़े जैसी चीजों को खाने की आदत हो जाती है।
अब तक पिका के बारे में बहुत शोध हो पाया है। पिका होने का वास्तविक कारण क्या है, ये अभी तक पहेली बना हुआ है। इस दौरान खाए जाने वाली कुछ चीजें शरीर को नुकसान पहुंचाती है तो कुछ की वजह से मौत होने की भी संभावना है।
पिका के दौरान उल्टी होना, पेट में मरोड़ होना, संक्रमण हो जाना, पेट और आंतों में रुकावट उत्पन्न हो जाना, पॉइजनिंग आदि के लक्षण सामने आते हैं।