जर्मनी के स्टटगार्ट की लियोनी मुलर अपने मकान मालिक के बर्ताव से इतनी परेशान हो गई कि उसने एक अजीब फैसला कर डाला। हलांकि ये फैसला उसके फायदे का साबित हो रहा है। लियोनी ने फ्लैट की जगह ट्रेन को ही अपना आशियाना बना लिया है।
लियोनी हर महीने 240 पाउंड यानी करीब पच्चीस हजार रुपए का ट्रेन का मासिक पास बनवाती है। इससे वो हर वक्त ट्रेन में रह पाती है। लियोनी की मानें तो ट्रेन में रहना उसे फ्लैट में रहने से सस्ता पड़ रहा है।
फ्लैट के किराए के लिए जहां उसे 290 पाउंड यानी करीब तीस हजार रुपए खर्च करने पड़ते थे। ट्रेन में ये काम पांच हजार रुपए कम में ही हो जाता है। ऊपर से मकान मालिक के ताने भी नहीं सुनने पड़ते हैं।
छुट्टियों का अहसास कराता है ट्रेन में रहना
लियोनी अपने कपड़े, लेपटॉप, मोबाइल, समेत बारड्रोव का हर सामान अपने साथ लेकर चलती है। ट्रेन या स्टेशन के बाथरूम में नहाने-धोने का काम चल जाता है। वाकी वक्त ट्रेन के सफर या कॉलेज में पढ़ने या फिर दोस्तों-रिश्तेदारों से मिलने में कट जाता है।
लियोनी के मुताबिक ट्रेन में रहना उसे ऐसा अहसास कराता है मानो वो छुट्टियां बिता रहे हों। लियोनी कहती है कि कुछ छोटी-मोटी दिक्कतें जरूर आती हैं, जैसे कि ज्यातर आपको बैठकर सोने में दिक्कत हो सकती है। लेकिन ये इस तरह रहने में मिलने वाले रोमांच के आगे कोई भी दिक्कत टिक नहीं पाती है।
ब्लॉग लिखने की मिली प्रेरणा
लियोनी ने जब ट्रेन में रहना शुरू किया तो अपना अनुभव दूसरों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने ब्लॉग लिखना शुरू कर दिया। लियोनी के ब्लॉग का नाम है व्हेयरएवर यू गो देयर यू आर डॉक्युमेंटिंग हर जर्नी।
लियोनी कहती हैं कि लोगों को हमेशा अपनी आदतें पकड़कर नहीं बैठना चाहिए, मौका मिले तो कुछ दूसरी आदतों को अपना लेना चाहिए, जैसा कि मैंने किया है।खास बात ये भी है कि ट्रेन के सफर ने कोलोन में रहने वाले प्रेमी से लियोनी की मुलाकात आसान कर दी है।
पहले लियोनी अपने प्रेमी से काफी दिनों में मिल पाती थी। लेकिन जब से ट्रेन में रहने लगी है तब से अक्सर उसकी मुलाकात उसके प्रेमी से हो जाती है। इसके अलावा घुमक्कड़ी का लुत्फ मिलता है वो अलग।