हिंदुस्तान के कुछ त्योहार किसी धर्म के दायरे में नहीं बंधें है। इन्हें हर कोई मनाता है। रक्षाबंधन ऐसा ही एक त्योहार है, इस दौरान शादी शुदा बहनें अपने भाई के घर जाती हैं और बैचलर भाई भी बहनों के घर पहुंच जाते हैं और डपटकर पनीर और पूड़ियां खाते हैं। बाकी जो साथ रहते हैं उनके लिए ये दिन अपने आप में बहुत खास होता है। रक्षाबंधंन की रौनक त्योहार के एक दिन पहले सड़कों से ही दिखाई देनी शुरू हो जाती है। सार्वजनिक वाहनों में इंसान भूसे की तरह ठूस ठूस कर भरा जाता है। बाजार में दुकानें भी अपने दायरे से बाहर निकलकर सड़कों पर कब्जा कर लेती हैं।
पीले वाले बल्ब के नीचे लटकी राखियों की कतारें भाईयों को बहनों की और बहनों को अपने भाइयों की याद दिलाती हैं। जिनकों इस दिन अपने भाई या बहन के घर जाने का मौका मिल जाता है, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता है। ऐसा ही कुछ हुआ जब एक बहन रक्षाबंधंन के घर अपने भाई के घर जा रही थी। खुशी इतनी थी कि छिपाए नहीं छिप रही थी। बगल वाले ने इस मौके को कैमरे में कैद कर लिया। आप भी देखेंगे तो आपकी हंसी भी रोके नहीं रुकेगी।