बता दें कि इसी साल मंगल ग्रह पर चट्टान, पानी, बर्फ और हवा के चलते बिखरी सतह दिखने की पुष्टि वैज्ञानिकों ने की थी। यूरोपियन स्पेस एजेंसी के मिशन मार्स एक्सप्रेस की ओर से भेजी गई तस्वीरों में यह खुलासा हुआ था। बर्फ से भरे इस बार इतने बड़े गड्ढे की तस्वीर ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक किसी दूसरे ग्रह पर अब तक मिला इतना बड़ा बर्फ से जमा गड्ढा नहीं पाया गया है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तापमान बढ़ने पर हवा चलने के साथ सतह पर कुछ हलचल जरूर होती है। जानकारों का कहना है कि पिछली कुछ तस्वीरों से मंगल पर काफी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। मंगल की तस्वीरें देखने के बाद इसका स्वरूप पृथ्वी से काफी मिलता जुलता दिख रहा है।
आपको बात दें कि 15 साल पहले लॉन्च किए गए मार्स एक्सप्रेस के जरिए अक्सर ही मंगल ग्रह पर बर्फ और ग्लेशियर की खोज की तस्वीरें जारी की जाती हैं। अंतरिक्ष अभियान के जानकारों का कहना है कि यह मंगल ग्रह पर बीते दौर में कुछ ऐक्टिविटीज होने का संकेत है। दरअसल, मंगल ग्रह दो गोलार्ध में बंटा हुआ है। मंगल का उत्तरी गोलार्ध दक्षिणी हिस्से के मुकाबले कुछ नीचे स्थित है।