1933 में इस तरह के होते थे शादी के कार्ड
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Wedding Card of 1933: शादी का कार्ड लोगों के जीवन में बड़ा महत्व रखता है। कई बार लोगों की शादियों के कार्ड भी खूब चर्चा होती है। इन दिनों लोग शादी में डिजिटल कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई लोग सोचते हैं कि बीते जमाने में शार्दी के कार्ड कैसे होते होंगे? तो इन दिनों एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें आपको अपने इस सवाल का जवाब मिल सकता है।
सोशल मीडिया पर करीब 90 साल पुराना शादी का कार्ड वायरल हो रहा है। उर्दू में लिखे इस कार्ड को देखकर हर कोई हैरान है। बताया जा रहा है कि यह शादी का कार्ड जिसका भी है, उसकी शादी 89 साल पहले 1933 में हुई थी। यह शादी कार्ड इस समय के कार्ड्स से पूरी तरह अलग है। इस कार्ड को एक रंग के साथ डिजाइन किया गया है। अब यह कार्ड सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर @SonyaBattla2 नाम के अकाउंट से इस कार्ड को शेयर किया गया है। इस 89 साल पुराने कार्ड को शेयर करते हुए लिखा है, 'साल 1933 में हुई मेरे दादा-दादी की शादी का इन्विटेशन कार्ड'।
इस कार्ड में लिखा है कि 'पैगंबर मोहम्मद को मेरा सम्मान। आदरणीय महोदय, आपको खुदा सलामत रखे और मैं इस अच्छे समय के लिए खुदा का शुक्रिया अदा करता हूं। मेरे बेटे हाफिज मोहम्मद युसूफ का निकाह 2 अप्रैल 1933, रविवार को तय किया गया है। इस कार्ड में आगे लिखा गया है, 'मैं आपको गली कासिम जान स्थित अपने घर आने का निमंत्रण देता हूं।
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इस कार्ड में बताया गया है कि हम अपने घर से किशनगंज स्थित दुल्हन के घर शादी के लिए जाएंगे। इसके बाद दावत होगी और 24 अप्रैल 1933 को वलीमा है। आप हमारे घर सुबह 10 बजे तक पहुंच जाएं और वलीमा में शामिल हों। आगे बताया गया है कि बारात सुबह 11.30 बजे निकलेगी और आप सभी समय पर घर आ जाएं।
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अब इस कार्ड को अब सोशल मीडिया पर हजारों लोग देख चुके हैं। इस पोस्ट यूजर्स अलग-अलग कमेंट्स कर रहे हैं।