पाकिस्तान के हमलों की तैयारी के तहत हाल ही में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें कुछ समय के लिए इलाके में ब्लैकआउट किया गया। इसका उद्देश्य था कि लोग इस संकट की स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया देंगे, इसका अभ्यास कर सकें। हालांकि, बिजली विभाग केवल उसी आपूर्ति को बाधित कर सकता है, जो उसके दायरे में आती है। जिनके पास निजी बैटरी बैकअप या इन्वर्टर होता है, वे अपनी लाइट चालू रख सकते हैं और इस पर विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक छोटा-सा वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति, जिन्हें मजाक में लोग ताऊ कह रहे हैं। एक दुकान में जल रही लाइट को लेकर गुस्से में दिखाई दे रहे हैं। वह लाठी लेकर दुकान की ओर बढ़ते हैं और वहां मौजूद व्यक्ति पर हमला कर देते हैं। आइए जानते हैं कि वीडियो में और क्या दिखाया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है कि यह घटना कहां और कब की है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि ताऊ ने हमला लाइट जलने की वजह से ही किया या इसके पीछे कुछ और कारण था। लेकिन क्लिप में जो कुछ दिखता है, उससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि मॉक ड्रिल के ब्लैकआउट नियमों का पालन न करने पर यह प्रतिक्रिया हुई।
बुजुर्ग व्यक्ति ने बरसाई लाठी
वीडियो में न्यू दिल्ली जूस कॉर्नर नामक एक दुकान नजर आती है, जिसकी लाइटें चमक रही होती हैं। तभी एक बुजुर्ग व्यक्ति हाथ में लाठी लिए दुकान की ओर आते हैं और वहां खड़े शख्स की ओर तेजी से वार करते हैं। दुकानदार समय रहते लाइट बंद कर देता है, जिससे वह खुद को बचा पाता है। वीडियो की कुल लगभग 19 सेकंड की है।
लोग दे रहे हैं मजेदार प्रतिक्रिया
इस वायरल क्लिप ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और कमेंट सेक्शन में लोग जमकर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ताऊ की कड़ी प्रतिक्रिया को जिम्मेदारी निभाना बता रहे हैं, वहीं कई लोग मजे लेते हुए इसे एक कॉमेडी घटना मान रहे हैं। वीडियो को अब तक 2.5 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है और इसे 5,500 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। एक यूजर ने लिखा, “पुराने लोगों को अच्छे से पता होता है कि संकट के समय कैसे व्यवहार करना है।” दूसरे ने कहा, “ताऊ हालात को समझकर पूरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।” एक और यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा, “ताऊ अकेले आधे पाकिस्तान के लिए काफी हैं।” वहीं एक यूजर ने सलाह दी, “बुजुर्गों की बात को हल्के में नहीं लेना चाहिए।”