7 मई को भारत के कई राज्यों में 'ऑपरेशन अभ्यास' नाम की एक मॉक ड्रिल की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य आम लोगों को आपातकालीन स्थितियों जैसे हवाई हमला, आग लगना और बचाव कार्यों के लिए तैयार करना था। इसी दिन बिहार के पूर्णिया जिले में रहने वाले सुशांत कुशवाहा की शादी भी थी। लेकिन उन्होंने देशहित को प्राथमिकता दी और पहले मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया, फिर बारात लेकर निकले। सुशांत के इस कार्य की हर कोई सराहना कर रहा है और इससे लोगों को यह सीख भी मिल रही है कि देश सबसे पहले है और बाकी चीजें बाद में। तो आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह खबर
सोशल मीडिया पर वायरल इस खबर में सुशांत की बारात शाम 6 बजे अररिया के लिए रवाना होनी थी। लेकिन उन्होंने तय कर लिया था कि यदि उनके जिले में ड्रिल होगी, तो वे उसमें जरूर भाग लेंगे। उन्होंने यह बात पहले ही अपने परिवार को बता दी थी। जब मॉक ड्रिल शुरू हुई तो सुशांत पूरी तरह उसमें जुट गए। इस दौरान उनका परिवार और बाराती पूरी तैयारी के साथ दो घंटे तक उनके आने का इंतजार करते रहे। लेकिन सुशांत अपने फैसले पर अडिग रहे और ड्रिल खत्म होने के बाद ही घर लौटे।
मॉक ड्रिल के बाद ही निकली बारात
ड्रिल के पूरा होते ही रात 8 बजे सुशांत बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचे। उनकी देशभक्ति और जिम्मेदारी निभाने की भावना की सभी ने तारीफ की। उन्होंने यह दिखा दिया कि देश के लिए कुछ करने का जज्बा सिर्फ फौजियों तक सीमित नहीं है, आम नागरिक भी अपने स्तर पर योगदान दे सकते हैं। मीडिया से बात करते हुए सुशांत ने कहा, "आज मेरी शादी है, लेकिन मुझे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैं मॉक ड्रिल का हिस्सा बन सका। हमारे सैनिक भी तो शादी और घर-परिवार छोड़कर देश की रक्षा करते हैं। अगर देश को जरूरत पड़ी तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे।"
क्यों की गई मॉक ड्रिल?
बता दें कि यह मॉक ड्रिल एक जरूरी अभ्यास थी, जो 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई। उस हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों पर हमले किए। लोगों का कहना है कि सुशांत कुशवाहा के इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि सच्ची देशभक्ति के लिए बड़ी-बड़ी कुर्बानियां नहीं, बस सही समय पर सही फैसला लेना जरूरी है। उनकी सोच आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।