इडोनेशिया की जियोलॉजिकल एजेंसी ने बताया है कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन बाली से करीब 310 किलोमीटर पश्चिम में पूर्वी जावा में मौजूद माउंट सेमेरू में स्थानीय समय के हिसाब से दोपहर करीब 2 बजे फट गया। यह ज्वालामुखी इंडोनेशिया के सबसे घनी आबादी वाले आइलैंड पर हैं।
ज्वालामुखी में विस्फोट से गर्म लावा और राख की तेज बहाव निकली। इसने निगरानी के उपकरणों को नष्ट कर दिया। सुपित उरंग जैसे गांवों तक पहुंच गई। राख की बारिश से आसपास के इलाकों में अंधेरा छा गया। इससे 900 से अधिक लोगों ने निकाला गया है।
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प्रशासन ने 170 फंसे हुए पर्वतारोहियों को भी सुरक्षित बचाया। अभी तक किसी के जान जाने की खबर नहीं है, लेकिन अधिकारी आगे के खतरे की चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि अभी लावा गिर सकता है और बड़ा विस्फोट हो सकता है। राख के कारण आसपास उड़ानें भी प्रभावित हो रही हैं।
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सक्रिय ज्वालामुखी है माउंट सेमेरू
इंडोनेशिया का माउंट सेमेरू एक सक्रिय ज्वालामुखी है। यह देश पूर्वी जावा के लुमाजांग जिले में है। पहले भी कई बार यह ज्वालामुखी फट चुका है, लेकिन आज का विस्फोट बहुत शक्तिशाली था। ज्वालामुखी से धुआं, राख और गर्म चट्टानों का बादल बाहर आया।
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खतरे का क्षेत्र पहले से बढ़ाकर बड़ा कर दिया गया है, जिससे लोग सुरक्षित रहें। अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण-पूर्व दिशा में नदियों के किनारे अधिक खतरा है, क्योंकि वहां गर्म लावा बह सकता है।
क्या होता है पायरोक्लास्टिक फ्लो?
पायरोक्लास्टिक फ्लो ज्वालामुखी से निकलने वाली गर्म गैस, राख और चट्टानों की तेज बहाव है, जो बहुत तेज चलती है। कभी-कभी इसके चले की रफ्तार 700 किमी प्रति घंटे होती है और सब कुछ जला देती है। इस विस्फोट में सुपित उरंग गांव तक यह बहाव पहुंची और निगरानी कैमरे व उपकरणों को नष्ट कर दिया।