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इस महिला को क्यों कहते हैं 'फ्रोजेन लेडी', हैरान करने वाली है इसके पीछे की कहानी

Thu, 30 Apr 2020 06:57 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फ्रोजेन लेडी जीन हिलियर्ड - फोटो : Social media
कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जो पूरी दुनिया को हैरान कर देती हैं। ये घटनाएं किसी चमत्कार से कम नहीं होतीं। आज से करीब 40 साल पहले अमेरिका के मिन्नेसोटा में कुछ ऐसा ही हुआ था, जो आज भी सबके लिए किसी रहस्य से कम नहीं है। इस घटना में जो महिला शामिल थी, उसे ही आज 'फ्रोजेन लेडी' के नाम से जाना जाता है। तो चलिए इस चमत्कारिक घटना के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
साल 1980, दिसंबर का महीना था। जीन हिलियर्ड नाम की एक लड़की रात को अपनी कार से अपने घर जा रही थी। इसी बीच उसकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई और वो वहीं पर फंस गई। अब चूंकि बर्फीली रात थी तो उस जगह पर रूकना भी सही नहीं था। ऐसे में उसने सोचा कि क्यों ना पैदल ही दोस्त के घर चला जाए, जो वहां से करीब दो मील की दूरी पर रहता था। अब जीन ने वहां से पैदल चलना शुरू किया। बाहर का तापमान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस था। इतनी भयंकर ठंड को जीन बर्दाश्त नहीं कर पाई और दोस्त के घर से करीब 15 फीट की दूरी पर गिरकर बेहोश हो गई। उस समय रात के एक बजे थे। ऐसे में जीन के दोस्त को उसके आने का कुछ पता ही नहीं चला। 
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फ्रोजेन लेडी - फोटो : Social media
सुबह जब जीन के दोस्त ने अपने घर का दरवाजा खोला तो उसे वो बेहोश पड़ी मिली। साथ ही वह किसी बर्फ की मूर्ति की तरह हो चुकी थी। उसका शरीर पूरी तरह अकड़ चुका था, लेकिन उसकी आंखें खुली थीं। इसके बाद जीन के दोस्त ने उसे आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत देखकर डॉक्टर भी सकते में आ गए और सोचने लगे कि आखिर इस लड़की को बचाया कैसे जाए।  

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जीन जिस तरह बर्फ की मूर्ति में बदल चुकी थी, वैसे में डॉक्टरों को भी लग रहा था कि जीन के जिंदा होने की उम्मीद तो बिल्कुल भी नहीं होगी। उसके शरीर का तापमान लेना भी लगभग मुश्किल था, क्योंकि उसका पूरा शरीर अकड़ चुका था। न तो बांहें उठाई जा सकती थीं और ना ही उसका मुंह ही खोला जा सकता था। वैसे आमतौर पर इंसान का दिल एक मिनट में 60 से 100 बार धड़कता है, लेकिन बर्फ में जमे होने की वजह से जीन की धड़कन एक मिनट में महज 12 बार ही धड़क रही थी। जीन को ऐसी हालत में जिसने भी देखा, उसने कहा कि इसे तो बस भगवान ही बचा सकते हैं। डॉक्टरों को भी ऐसा लग रहा था कि अगर किसी तरह जीन को बचा भी लिया गया तो उसका दिमाग काम नहीं करेगा और वो अपने शरीर को हिला भी नहीं पाएगी। 
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फ्रोजेन लेडी जीन हिलियर्ड (बीच में) - फोटो : Social media
हालांकि डॉक्टरों ने उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्होंने जीन को एक इलेक्ट्रिक कंबल में लपेटा, ताकि उसके शरीर का तापमान सामान्य किया जा सके और बर्फ को पिघलाया जा सके। इस प्रक्रिया में करीब एक घंटे लगे, लेकिन उसके बाद जो हुआ, उसे देखकर डॉक्टरों को भी यकीन नहीं हो रहा था। जीन के शरीर में हरकत हो रही थी। जांच के दौरान पाया गया कि उसके शरीर को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा था। हालांकि फिर भी एहतियातन जीन को करीब 40 दिन तक आईसीयू में रखा गया और उसके बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह घटना आज भी डॉक्टरों के लिए किसी रहस्य से कम नहीं है कि बर्फ में रहकर कैसे कोई जिंदा रह सकता है? 
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