अक्षरधाम मंदिर घूमने गए एक युवक का अनुभव इतना चौंकाने वाला रहा कि वह अब किसी अनजान इंसान से बात करने से पहले भी डर जाएगा। उसने रेडिट पर लंबी पोस्ट लिखकर बताया कि कैसे एक बेहद मासूम-सा दिखने वाले अंकल ने उससे दोस्ती की और फिर बिल्कुल फिल्मी तरीके से उसका डेढ़ लाख से ज्यादा का सामान गायब कर दिया। तो आइए जानते हैं कि युवक ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह पोस्ट
युवक ने बताया कि यह उसकी पहली सोलो ट्रिप थी और वह अक्षरधाम जाने के लिए बस में बैठा हुआ था। तभी करीब 50 साल का, भारी-भरकम सा एक अंकल उसके बगल वाली सीट पर आकर बैठ गया। अंकल ने शायद उसे रास्ता पूछते सुना था। वे मुस्कुराते हुए बोले,“पहली बार जा रहे हो? मैं कई बार जा चुका हूं, मैं तुम्हें सब दिखा दूंगा।” पहली बार मंदिर जा रहा युवक उन्हें देखकर सहज हो गया। अंकल शुरू से ही बड़े अपनापन से बातें करते रहे। पूरी बस यात्रा के दौरान वह मंदिर की भव्यता, वहां के अनुशासन और दर्शन के अनुभव के बारे में बताते रहे। युवक को लगा कि उसे अचानक एक अनुभवी गाइड मिल गया है जो उसकी यात्रा आसान कर देगा।
मंदिर पहुंचते ही शख्स के साथ हुआ स्कैम
लेकिन मंदिर पहुंचते ही मामला धीरे-धीरे संदिग्ध होने लगा। अंकल ने अचानक ‘सेफ्टी’ की बात छेड़ दी और बोले कि क्लॉक रूम में सामान रखना खतरे से खाली नहीं है। बोले, “पिछली बार मेरा फोन और वॉलेट चोरी हो गया था।” पहली बार आने वाले युवक को कुछ समझ नहीं आया, उसने कोई शक भी नहीं किया। फिर अंकल ने किसी को फोन किया और कुछ ही मिनट में एक आदमी वहां पहुंच गया बिल्कुल पुजारी जैसा दिखने वाला। बेहद शांत, मीठे अंदाज में बात करने वाला। उसने युवक के माथे पर तिलक लगाया और बोला, “आप चिंता मत करें, आपका सामान मेरे पास पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।”
सामान लेकर अंकल हुए फरार
युवक ने बिना सोचे-समझे अपना लगभग सारा सामान उसे दे दिया, S24 अल्ट्रा फोन, अल्ट्रा वॉच, वॉलेट, करीब 8 हजार रुपये, कार्ड, बेल्ट, जूते वगैरह… कपड़ों को छोड़कर बाकी सब कुछ। दर्शन के दौरान अंकल उसके साथ ही रहे ताकि कोई शक न हो। बाहर आते ही उन्होंने कुछ लड्डू खरीदे। उसी दौरान युवक एक सीढ़ी पर फिसल गया और हाथ गंदे हो गए। अंकल ने फटाफट डिब्बा खोला और कहा, “हाथ गंदे हैं, मैं खिला देता हूं।” और उन्होंने उसे जल्दी से लड्डू खिला दिया। जैसे ही युवक ने लड्डू खाया, अंकल बोले,“तुम यहां रुको, मैं दो मिनट में पैसे जमा करके आता हूं।” युवक वहीं खड़ा रहा। कुछ मिनट बीते, फिर कई पर अंकल का कोई पता नहीं। वह 'पुजारी' भी नदारद। तभी युवक को पेट में हल्का दर्द भी महसूस होने लगा और उसे समझ आ गया कि पूरी कहानी शुरू से सेट की गई थी।
पुलिस स्टेशन गया शख्स
युवक ने जब अपने सामान की लिस्ट जोड़ी फोन, वॉच, 8 हजार कैश, कार्ड, पर्स, जूते, बेल्ट सब मिलाकर करीब 1.8 लाख रुपये का नुकसान था। वह तुरंत पुलिस स्टेशन पहुंचा। वहां पता चला कि इस तरह के स्कैम बहुत आम हैं। यह गैंग खासतौर पर पहली बार मंदिर आने वालों और अकेले घूमने वालों को निशाना बनाता है। एक व्यक्ति दोस्ती करके भरोसा जीतता है, दूसरा पुजारी बनकर सुरक्षा का झांसा देता है और फिर दोनों मिलकर आपका सामान उड़ा देते हैं।