मेट्रो आज के समय में लाखों लोगों के सफर का सबसे आसान और तेज साधन बन चुका है। ऑफिस जाने वाले हों या कॉलेज के स्टूडेंट, सभी रोजाना मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन एक समस्या जो अक्सर देखने को मिलती है, वो है मेट्रो में होने वाली भीड़। खासकर पीक ऑवर्स में हालात ऐसे हो जाते हैं कि कई यात्रियों को खड़े होकर ही लंबा सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में कुछ लोग थकान से परेशान होकर कोच के अंदर ही जमीन पर बैठ जाते हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
असल में मेट्रो के नियम साफ कहते हैं कि कोच के फर्श पर बैठना मना है। अगर कोई यात्री ऐसा करता है तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसके बावजूद कई लोग नियमों की परवाह नहीं करते और जमीन पर बैठ जाते हैं। अब अगर कोई कोने में बैठ जाए तो शायद बाकी यात्रियों को ज्यादा दिक्कत न हो, लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब लोग बीच रास्ते में ही बैठ जाएं। इस वजह से बाकी यात्रियों को इधर-उधर जाने में परेशानी होती है। यही वजह है कि लोगों का सिविक सेंस भी सवालों के घेरे में आ जाता है।
मेट्रो की फर्श पर बैठे दिखे दो लड़के
हाल ही में ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना। इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दो लड़के मेट्रो के फर्श पर बैठकर लूडो खेलते नजर आ रहे हैं। दोनों ने कोच के उस हिस्से में जगह बनाई, जहां से दो डिब्बे आपस में जुड़े होते हैं। यही जगह यात्रियों के आने-जाने का रास्ता भी होती है। ऐसे में उनकी वजह से सफर कर रहे बाकी लोगों को दिक्कत होने लगी।
मजे से खेल रहे थे लूडो
वीडियो में दिखता है कि एक यात्री मजाक के अंदाज में उनसे पूछता है, "भाई, लूडो में कौन जीत रहा है?" शुरुआत में दोनों लड़के खेल में मशगूल रहते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें एहसास होता है कि उनकी रिकॉर्डिंग हो रही है, वे गुस्सा दिखाने लगते हैं। उस शख्स ने जब कहा, "जमीन पर बैठना अलाउड है क्या?" तो उनमें से एक लड़का चिढ़कर बोला, "जा बना ले वीडियो।" इसके बाद दोनों बिना परवाह किए फिर से खेल में लग जाते हैं। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @burari_santnagar नाम के यूजर ने पोस्ट किया। अब तक इसे 58 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं। इसके अलावा रेडिट पर भी इसे शेयर किया गया, जहां लोगों ने जमकर अपनी राय रखी। कई लोगों ने इसे मजाकिया नजरिए से देखा, तो कई ने सख्त प्रतिक्रिया दी।
यूजर्स ने वीडियो पर दी अपनी राय
एक यूजर ने लिखा, "जमीन पर बैठना तो ठीक है, लेकिन बीच रास्ते में मत बैठो।" दूसरे ने कमेंट किया, "इनका जब चालान कटेगा, तब समझ में आएगा।" इस पूरे मामले से एक बात साफ झलकती है कि चाहे मेट्रो जैसी आधुनिक सुविधा हो या कोई और पब्लिक प्लेस, वहां जिम्मेदारी और सिविक सेंस दिखाना हर यात्री का फर्ज है। थोड़ी सी लापरवाही या मनमानी से न सिर्फ बाकी लोगों को परेशानी होती है बल्कि खुद को भी मुश्किल में डालना पड़ सकता है।