दुनिया जहां दिन-ब-दिन तरक्की कर रही है, इंसानी जिंदगी पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक और तकनीकी हो चुकी है। वहीं, एक शख्स ऐसा भी है जो आज के दौर में भी आदिमानव जैसी जिंदगी जी रहा है। इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने सबका ध्यान खींचा है, जिसमें एक व्यक्ति गुफा में रहकर प्रकृति के सहारे जीवन जीता नजर आ रहा है। खास बात ये है कि इस शख्स ने खुद को पृथ्वी का अंतिम गुफावासी बताया है। तो आज की इस खबर में हम आपको इस शख्स के बारे में और जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
गुफा में रहता है ये आदिमानव
वीडियो में नजर आने वाले इस व्यक्ति का नाम अलियाह है और उनकी उम्र 62 साल बताई गई है। वह यमन के सोकोत्रा द्वीप पर स्थित चट्टानी तटों पर रहते हैं। अलियाह का जीवन पूरी तरह से प्रकृति के ऊपर निर्भर है । वे समुद्र से मछलियां पकड़कर अपना पेट भरते हैं और जो कुछ भी आसपास मिलता है, उसी से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं।
टूटी-फूटी अंग्रेजी बोलते हैं अलियाह
हालांकि वे गुफा में रहते हैं, लेकिन भाषा का इस्तेमाल करना उन्हें आता है। वीडियो में देखा जा सकता है कि अलियाह टूटी-फूटी अंग्रेजी बोलते हैं, जो उन्होंने वर्षों तक पर्यटकों से बातचीत कर के सीखी है। यह दिखाता है कि वे बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे नहीं हैं।
ऐसी है वेशभूषा
उनकी वेशभूषा की बात करें तो उन्होंने सिर्फ एक लंगोटी पहन रखी है और बड़े आकार के समुद्री सीपों से बनी एक्सेसरीज भी पहनी हुई हैं। अलियाह ने बताया कि उनके कुल 15 बच्चे थे, जिनमें से 9 अब इस दुनिया में नहीं हैं। बाकी 6 बच्चे जीवित हैं। फिर भी वे इस जीवन से पूरी तरह संतुष्ट हैं और ईश्वर का धन्यवाद करते हैं कि उन्हें यह जीवन मिला। अलियाह की दिनचर्या बेहद कठिन लग सकती है। वे गुफा में ही सोते हैं, बिना जूते-चप्पल के नुकीली चट्टानों पर चलते हैं और अपने हाथों से मछली पकड़ते हैं। उनके पास न तो मोबाइल फोन है, न बिजली, और न ही कोई और आधुनिक सुविधा। वे हवा, पानी और धरती की मदद से अपना जीवन जी रहे हैं।
जानवरों की हड्डियों से सजा है घर
उनका घर जानवरों की हड्डियों से सजा हुआ है, जो उनके प्राकृतिक जीवन के प्रति जुड़ाव को दर्शाता है। वे प्रकृति के नियमों का पालन करते हैं और उन्हें शिकार करना और समुद्र से भोजन जुटाना बेहद पसंद है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस "आधुनिक युग के आदिवासी" को देखकर हैरान हैं। जहां आज की दुनिया सुविधा और तकनीक के पीछे भाग रही है, वहीं अलियाह जैसे लोग यह साबित कर रहे हैं कि सादगी और प्रकृति के साथ संतुलन में भी सुख और संतोष पाया जा सकता है।