रेलवे का सफर काफी दिलचस्प होता है। अगर कोई परिवार ट्रेन में ट्रेवल करता है तो खाने पीने का सारा सामान अपने साथ लेकर चलता है। वही, अगर कोई व्यक्ति ट्रेन में अकेले यात्रा करता है तो वह ट्रेनों में पैंट्री के भरोसे ही होता है और वही से अपने खाने-पीने का बंदोबस्त भी करता है। लंबी दूरी की ट्रेनों में पैंट्री कार होती है, जो यात्रियों को खाना-पीना देती है। लेकिन हाल ही में गीतांजलि एक्सप्रेस में जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया। इस ट्रेन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक यात्री ने जब खाने की शिकायत की, तो उसे पीटा गया और पैंट्री कार में बंद कर दिया गया। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
शुरुआत एक आम शिकायत से हुई
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की ये घटना 6 अप्रैल की है, जब गीतांजलि एक्सप्रेस हावड़ा से मुंबई जा रही थी। TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक यात्री ने पैंट्री स्टाफ से कहा, "खाने की क्वालिटी अच्छी नहीं है और कीमत भी ज्यादा ली जा रही है।" इसके जवाब में पैंट्री बॉय ने गुस्से में कह दिया, "ज्यादा बोले तो मारूंगा।" बात इतनी बढ़ गई कि उस यात्री के साथ मारपीट हुई और उसे करीब एक घंटे तक पैंट्री कार में बंद कर दिया गया। हालांकि, जब वीडियो वायरल हुआ तो पैंट्री कार वाला फंस गया।
दो लोगों को पीट कर पैंट्री कार में किया बंद
बता दें कि उसी ट्रेन में एक सामाजिक कार्यकर्ता सत्यजीत बर्मन भी सफर कर रहे थे। उन्होंने देखा कि पैंट्री स्टाफ कुछ यात्रियों से बहस कर रहा है। जब वो वहां पहुंचे तो तीन यात्रियों ने उन्हें बताया कि खाना कम दिया गया और ज्यादा पैसे मांगे गए। बर्मन ने जब सच्चाई जानने की कोशिश की, तो पैंट्री स्टाफ ने उन पर आरोप लगाया कि "तुम यात्रियों को भड़का रहे हो।" इसके बाद उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया, उन्हें पीटा गया और पैंट्री कार में बंद कर दिया गया।
RPF ने मौके पर पहुंचकर बचाया
जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो एक यात्री ने RPF हेल्पलाइन पर कॉल किया। कुछ देर बाद RPF आई और बर्मन को बाहर निकाला और उनकी सीट तक ले गई। 7 अप्रैल को जब ट्रेन कल्याण स्टेशन पहुंची, तो बर्मन ने GRP (रेलवे पुलिस) को पूरी घटना की जानकारी दी। बर्मन की शिकायत पर GRP ने BNS (भारतीय न्याय संहिता) के तहत केस दर्ज किया है। अब तक जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उनमें तीन नाम सामने आए हैं।