फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘हल्दी की गोली’ से कैंसर की हार, महिला ने कर दिखाया ऐसा चमत्कार

Sat, 06 Jan 2018 09:54 AM IST
बिजार डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
demo
विज्ञापन
यूं तो दादी-नानी के घरेलू नूस्खों पर लोग कम ध्यान देने लगे हैं। वजह है कभी-कभी इसके कारण लोगों को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। बिना चिकित्सकों की निगरानी के कई मामलों में कुछ मामलों में जान भी चली जाती है।
विज्ञापन


लेकिन ब्रिटेन की एक महिला ने इसी घरेलू दवाओं से जानलेवा बीमारी ‘ब्लड कैंसर’ को हरा दिया है। वह भी उस स्थिति में जब बीमारी के बढ़ने से डॉक्टर डर गए थे। ब्रिटेन की रहने वाली 67 साल की डिएनेक फेर्गसन पिछले पांच साल से कैंसर से ग्रसित थीं। उन्हें इलाज का कोई फायदा नहीं हो रहा था। आखिरी में उन्होंने 'हल्दी की गोली’ को लेना शुरू किया और कैंसर को हरा दिया।

अंग्रेजी वेबसाइट द मेट्रो की खबर के मुताबिक, फेर्गसन पहली ऐसी महिला हो सकती हैं जिनका इलाज बंद होने के बाद हल्दी की गोली खाने से कैंसर ठीक हो गया। नॉर्थ लंदन में रहने वाली फेर्गसन अपंग कर देने वाले ब्लड कैंसर ‘माएलोमा’ के इलाज के दौरान तीन बार 
विज्ञापन


 
Trending Videos

Dieneke Ferguson
कीमोथेरेपी (रसायन चिकित्सा) और एक ही बार में चार स्टेम सेल को प्रत्यारोपित कराया, लेकिन इससे उनका दर्द और बढ़ा। इलाज के दौरान जब वह दो बार ठीक होकर फिर बीमार पड़ गईं तो डॉक्टर भी इस बात को लेकर डरने लगें कि अब फेर्गसन को शायद बचाना मुश्किल होगा।

फिलहाल, उनका प्लाजमा सेल काफी कम हो गया है। वह कहती हैं कि उनके जीवन में काफी सुधार हुआ है। गौरतलब है कि प्लाजमा सेल एक तरह का सफेद ब्लड सेल होता है जो माएलोमा के साथ असामान्य और अनियंत्रित तरीके से बढ़ता है। 

फेर्गसन ने इलाज कराना बंद कर रोजाना आठ ग्राम की हल्दी की एक गोली लेनी शुरू कर दी। यह प्रक्रिया लंबे समय तक चली। जब वह कुछ साल के बाद डॉक्टर के पास पहुंचीं तो वे फेर्गसन में सुधार देखकर हैरान रह गए।
विज्ञापन

Dieneke Ferguson
​फेर्गसन का इलाज करने वाले बार्ट्स हेल्थ एनएचएस ट्रस्ट के डॉक्टर ने ब्रिटिश मेडिकल जर्नल केस रिपोर्ट में लिखा, ‘मेरी जानकारी में यह पहली रिपोर्ट है करक्यूमिन से जरूरी इलाज बंद होने के बावजूद लगातार बढ़ रही बीमारी ठीक हो गई।’ 

क्यों कारगर साबित हुई गोली
हालांकि यह गोली रसोई में इस्तेमाल होने वाली हल्दी की नहीं थी। यह उससे बहुत ही अलग है। दस दिन की गोली की कीमत करीब 4297 रुपये है। इसमें अधिक मात्रा में करक्यूमिन होती है, जबकि रसोई में उपयोग की जाने वाली हल्दी में सिर्फ दो फीसदी ही होता है। करक्यूमिन एक प्रकार का तत्व है जो हल्दी में पाया जाता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का मानना है कि एशियाई क्षेत्र में हल्दी का उपयोग अल्जाइमर, हर्ट और डिप्रेशन जैसी बीमारियों के इलाज के लिए होता है। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें