मरे हुए से बात करने की कोशिश करना पूरी दुनिया में आम बात हो चुकी है। कई लोग दावा करते हैं कि 'लाल किताब के जरिए वे मरे हुए लोगों से बात कर सकते हैं। ऐसा दावा करने वाले भी कम ही सामने आते हैं लेकिन यहां तो पूरा शहर ही ऐसा दावा कर रहा है...
इसे जानने के लिए कई वैज्ञानिक शोध भी किए जा रहे हैं और पारामनोवैज्ञानिक अलग-अलग तरह के दावे करते रहे हैं। पारामनोवैज्ञानिकों के अनुसार मृत्यु के बाद भी कुछ अस्तित्व बचा रहता है। अगर प्रयास किया जाए तो मृत व्यक्ति से संपर्क किया जा सकता है।
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मृत्यु को प्राप्त हुए व्यक्ति से संपर्क करने के कई तरीके हैं जिनसे परलोक गए व्यक्ति को वापस अपने बीच बुला सकते हैं। मृत्यु के बाद भौतिक शरीर समाप्त हो जाता है, व्यक्ति एक उर्जा एक आत्मा के रुप में मौजूद होता है। इसलिए उनसे संपर्क करने के लिए एक माध्यम की जरुरत होती है।
अमेरिका का एक शहर ऐसा ही जहां की आधी आबादी इस बात का दावा करती है कि उनमें ऐसी शक्ति मौजूद है कि वह माध्यम बनकर या अन्य तरीकों से परलोक गए व्यक्ति की आत्मा से संपर्क कर सकते हैं।
यहां के लोग प्रेतात्माओं से पीड़ित व्यक्तियों का उपचार करने का भी दावा करते हैं इसलिए दूर-दूर से लोग यहां पारलौकिक शक्तियों का अनुभव करने आते रहते हैं। अपनी इन्हीं खूबियों के कारण इस शहर को 'साइकिक कैपिटल' भी कहा जाता है।
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दुनिया भर में 'साइकिक कैपिटल' के नाम से जिस शहर को जाना जाता है उस शहर का नाम है कासाडागा टाउन। माना जाता है कि यहां रहने वाले ज्यादातर लोग मनोविज्ञान के जानकार हैं और मृत आत्माओं से साक्षात्कार करने का दावा करते हैं। 1875 में इस टाउन को न्यूयॉर्क के आध्यात्मिक गुरु जॉर्ज कॉल्बी ने बसाया था। धीरे-धीरे यहां लोग बसने लगे, जो खुद स्प्रिचुअल हीलर्स बन गए।
आज कासाडागा में 100 से अधिक स्प्रिचुअल हीलर्स हैं, जो मृत आत्माओं से संपर्क होने का दावा करते हैं। हर साल यहां सैकड़ों लोग दूर-दूर से बुरी आत्माओं से मुक्ति पाने के लिए आते हैं। यहां इसाईयत, दर्शन और विज्ञान के मिले-जुले आधार पर केंद्रित आध्यात्म का एक अनूठा रूप देखने को मिलता है।
यहां के स्प्रिचुअल हीलर्स टैरो कार्ड्स या हस्तरेखाओं को पढ़कर इन आत्माओं से संपर्क करने का दावा करते हैं। हर साल यहां करीब 15 हजार लोग आते हैं। यही कासाडागा की अर्थव्यवस्था का आधार भी है।