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एक दिन में 35 किलो खाना खाता था यह बादशाह, रोज लेता था जहर का भी स्वाद!

Sun, 24 May 2020 01:49 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक दिन में 35 किलो खाना खाता था यह बादशाह - फोटो : Social media
दुनियाभर में खाने के शौकीनों की कोई कमी नहीं है, लेकिन हर रोज 35 किलो के आसपास खाना खाना कोई आम बात नहीं है। वैसे आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि जो पहलवान होते हैं, वो ज्यादा खाना खाते हैं, लेकिन एक दिन में 35 किलो तो शायद ही कोई खा पाता होगा। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बादशाह के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इतना खाना तो आराम से खा जाता था और उसे पचा भी लेता था। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह बादशाह हर रोज जहर का भी सेवन करता था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस बादशाह का नाम है महमूद बेगड़ा, जो गुजरात के छठे सुल्तान थे। वह महज 13 साल की उम्र में गद्दी पर बैठे थे और 52 साल (1459-1511 ईस्वी) तक सफलतापूर्वक गुजरात पर राज किया था। उन्हें अपने वंश का सबसे प्रतापी शासक माना जाता था। 
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चम्पानेर किला - फोटो : Social media
महमूद बेगड़ा का नाम महमूद शाह प्रथम था। उन्हें 'बेगड़ा' की उपाधि तब दी गई थी, जब उन्होंने 'गिरनार' जूनागढ़ और चम्पानेर के किलों को जीत लिया था। कहते हैं कि गिरनार किले पर बेगड़ा का अधिकार हो जाने के बाद यहां के राजा ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद उसकी सेना को सुल्तान की सेना में शामिल कर लिया गया था। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
महमूद बेगड़ा के आकर्षक व्यक्तित्व के चर्चे तो आज भी खूब होते हैं। कहते हैं कि उनकी दाढ़ी इतनी बड़ी थी कि वो कमर तक पहुंच जाती थी। इसके अलावा उनकी मूंछें भी काफी लंबी थीं। वह उन्हें अपने सिर के ऊपर बांध लेते थे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
महमूद बेगड़ा के बारे में सबसे ज्यादा जो बात प्रचलित है, वो ये है कि वह एक दिन में कम से कम 35 किलो खाना खाते थे। कहते हैं कि वह नाश्ते में एक कटोरा शहद, एक कटोरा मक्खन और 100-150 केले खा जाते थे। सिर्फ यही नहीं, रात के समय भी उनके तकिए के दोनों तरफ खाना रख दिया जाता था, ताकि अगर उन्हें कभी भी भूख लगे तो तुरंत खा सकें।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कहते तो यह भी हैं कि सुल्तान बेगड़ा को बचपन से ही किसी जहर का सेवन कराया गया था, जिसके बाद से वह हर रोज खाने के साथ थोड़ा-थोड़ा जहर भी लेते थे। कहा जाता है कि सुल्तान के शरीर में इतना जहर हो गया था कि अगर उनके हाथ पर कोई मक्खी भी बैठ जाती थी तो वह भी पलभर में दम तोड़ देती थी। इतना ही नहीं, उनके इस्तेमाल किए हुए कपड़ों को कोई भी छूता तक नहीं था, बल्कि उसे सीधे जला दिया जाता था, क्योंकि वह सुल्तान के पहनने के बाद जहरीले हो जाते थे। 
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