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आखिर क्यों खुद को नोचकर खाने लगे थे वो 5 लोग?

Sun, 02 Jul 2017 05:48 PM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षिता
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एक्सपेरिमेंट - फोटो : Elite Readers
एक एक्सपेरिमेंट का नतीजा कितना भयानक और दर्दनाक हो सकता है, इसकी एक बानगी रूस में किये गए शोध के दौरान देखने को मिली। जिन 5 लोगों ने इसमें हिस्सा लिया उनका हाल देख वैज्ञानिकों की भी हालत पतली हो गई थी।
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एक्सपेरिमेंट - फोटो : Elite Readers
किस्सा 1940 के दशक का है। 5 कैदियों के साथ डील हुई कि उन्हें एक एक्सपेरिमेंट में हिस्सा लेना होगा जिसके खत्म होते ही उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। शोध के लिए पांचों कैदी 30 दिन तक न सोने के लिए राजी हो गए। शुरुआती 10 दिन आराम से बीते लेकिन...
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एक्सपेरिमेंट - फोटो : Elite Readers
शोध के 11वें दिन से हालात बिगड़ने लगे। वेबसाइट एलीट रीडर्स के मुताबिक, कैदी आपस में डरावनी बातें करने लगे। दिन बीतते गए और उन्होंने आपस में बातें करना भी बंद कर दिया। एक दिन अचानक इनमें से एक कैदी जोर-जोर से चिल्लाने लगा और पूरे तीन घंटे तक पूरे कमरे में दौड़ता रहा। चौंकाने वाली बात ये रही कि बाकी कैदियों को इससे ज़रा सा भी फर्क नहीं पड़ा!  

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एक्सपेरिमेंट - फोटो : Elite Readers
वैज्ञानिकों ने अध्ययन बीच में ही खत्म करने का फैसला किया। कैदियों को सोने से रोकने के लिए जो गैस दी जाती थी वो बंद कर दी गई। जब उन्हें कमरे से बाहर निकाला गया तो 5 में से एक की मौत हो चुकी थी। जब बाकियों के चेहरे से मास्क हटाई गई तो उसे देख सबके पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गई।
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k - फोटो : Elite Readers
जेल कर्मी उन्हें छूने से भी कांपने लगे। उनके शरीर से कई जगह पर मांस गायब थी। शक्ल बुरी तरह बिगड़ चुकी थी और वे हिंसक हो चुके थे। 
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