कराकुल झील
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भले ही कराकुल में जीव न पाए जाते हों, लेकिन, इसके बीच में निकल आए द्वीपों और आस-पास के दलदली किनारों पर दूर-दूर से परिंद आते हैं। इनमें हिमालय पर्वत पर रहने वाले बाज और तिब्बती तीतर शामिल हैं। कराकुल झील इतनी खारी है कि इसमें नाव चलाना कमोबेश नामुमकिन है। अगर आप फिर भी इसमें नाव खेने की कोशिश करते हैं, तो उसके उलट जाने की पूरी आशंका होती है। जिस तरह मध्य-पूर्व में मृत सागर या डेड सी है, उसी तरह की है कराकुल झील। मृत सागर के पानी में भी इतना नमक है कि वहां कोई जीव नहीं पल सकता। यही हाल कराकुल का भी है। फिर भी इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। आस-पास के लोग यहां गर्मियों में जुटते हैं। त्यौहार सा समां हो जाता है। पतंगे उड़ाने से लेकर राफ्टिंग तक की प्रतियोगिताएं होती हैं।