त्योहार आते ही चारों तरफ खुशी और उत्साह का माहौल बन जाता है। लोग ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए उत्सव मनाते हैं। लेकिन कई बार तेज आवाज के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी भी होती है। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, मरीजों और पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए तेज शोर मुश्किल खड़ी कर सकता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में उत्सव मनाने का ऐसा तरीका दिखा है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है।
दरअसल, यह वीडियो मां दुर्गा के विसर्जन जुलूस का है। आमतौर पर ऐसे जुलूसों में बड़े-बड़े डीजे और लाउडस्पीकर लगाए जाते हैं। उनकी तेज आवाज दूर तक सुनाई देती है। हालांकि, इस वीडियो में भक्तों ने नाचने-गाने के लिए एक अलग ही तरीका अपनाया है। यहां लोग कानों में वायरलेस हेडफोन लगाकर पूरे जोश के साथ झूमते नजर आ रहे हैं।
रथ पर विराजमान हैं मां दुर्गा, हेडफोन लगाकर नाच रहे भक्त
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मां दुर्गा की प्रतिमा एक सजे हुए रथ पर विराजमान है। रथ के आगे और पीछे एक ही रंग की टी-शर्ट पहने कई भक्त चल रहे हैं। खास बात यह है कि उनके हाथों में डीजे के बड़े-बड़े स्पीकर नजर नहीं आते। इसके बजाय लोगों ने अपने कानों में वायरलेस हेडफोन लगा रखे हैं।
सभी लोग अपने-अपने हेडफोन लगाकर एक साथ नाचते और हाथ उठाकर झूमते दिखाई देते हैं। देखने में यह नजारा काफी अलग है, क्योंकि लोग बिना तेज आवाज किए भी पूरे उत्साह के साथ जुलूस का हिस्सा बने हुए हैं। यही वजह है कि इस वीडियो को देखकर लोग इस तरीके की चर्चा कर रहे हैं।
क्या है साइलेंट डीजे का तरीका?
इस तरीके को साइलेंट डीजे कहा जाता है। इसमें गाने सुनने के लिए बड़े लाउडस्पीकर के बजाय हेडफोन का इस्तेमाल किया जाता है। इससे लोग संगीत का आनंद लेते हुए नाच सकते हैं, जबकि आसपास के लोगों तक तेज आवाज नहीं पहुंचती। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि शोर या ध्वनि प्रदूषण की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसके लिए हेडफोन की आवाज और आयोजन में इस्तेमाल होने वाले दूसरे उपकरणों का भी ध्यान रखना जरूरी है। फिर भी, तेज आवाज वाले डीजे के विकल्प के तौर पर यह तरीका लोगों को पसंद आ रहा है।
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया है। वीडियो को बड़ी संख्या में लोग देख रहे हैं और इस पर अपनी राय भी दे रहे हैं। एक यूजर ने इसे समझदारी भरी और पर्यावरण के लिहाज से अच्छी पहल बताया। वहीं दूसरे यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अब साइलेंट डीजे आ गया है, जिससे पुलिस और मोहल्ले वालों की शिकायतों से बचा जा सकता है। हालांकि, नियमों का पालन करना हर आयोजन के लिए जरूरी है। ऐसे में यह वीडियो एक सवाल भी खड़ा करता है कि क्या त्योहारों की खुशी बनाए रखने के साथ दूसरों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए ऐसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं?