तकनीक ने दुनिया कहां से कहां पहुंचा दी है। एक तरफ जहां लोगों की जिंदगी बचाने के लिए एक से बढ़ कर एक मशीनें आ गई हैं तो वहीं दूसरी तरफ ऐसी मशीनें भी बन रही हैं जो लोगों को आसानी से मरने में यानि आत्महत्या करने में मदद करेंगी।
सुनने में अजीब जरूर लगेगा लेकिन यह सच है। डॉ फिलिप ने एक ऐसी मशीन बनाई है जिसमें 91% नाईट्रोजन और 9% कार्बन मोनोऑक्साइड गैस है। उन्होंने इसे डेस्टिनी नाम दिया है। डॉ डेथ के नाम से चर्चित डॉ फिलिप का एक सूसाइड क्लब भी है जिसमें 10,000 सदस्य हैं। इन सदस्यों को सावधानी से आत्महत्या करने के तरीके बताए जाते हैं।
इंगलैंड की एक न्यूजवेबसाइट मिरर की एक पत्रकार एमिली ने उनकी बनाई इस मशीन को टेस्ट किया। उन्होंने बताया कि एक पाईप उनकी नाक से होते हुए मशीन में जा रहा था जिसमें जहरीली गैंसे भरी थीं। एक बटन दबाने भर से यह गैस नाक के अंदर जाने लगती है और इनको सूंघने से कुछ ही सेकेंड में इंसान की मौत हो सकती है। उनका गला सूख रहा था और सामने लगी स्क्रीन पर उनके दिल की धड़कन की रफ्तार दिख रही थी।