अगर बड़ा भयानक जानवर शरीर को कोई हिस्सा नोंच ले तो उसके दिए घाव के निशानों के साथ जिंदगी भर जीना होता है।
डेली मेल के मुताबिक चारलोट पोंस उस वक्त सिर्फ तीन महीने की थी जब एक भयानक लोमड़ी जैसे जानवर जिसको रकून कहते हैं, उसने बच्ची पर हमला कर दिया।
इस हमले में वो तीन हफ्ते की बच्ची के कान, होंठ और गाल का कुछ हिस्सा खा गया था। लेकिन तुरंत मिले डॉक्टरी मदद की वजह से बच्ची की जान को बचा लिया गया था।
नहीं बचे कान
जानवर का ये हमला इतना घातक था कि इसमें चारलोट को अपना एक कान खोना पड़ा। वो कान बिना ही बड़ी होती चली गई।
अभी वो 12 साल की है। उसने हार नहीं मानी। उसके मां-बाप को पता था कि डॉक्टरी सलाह से चारलोट के कान वापस जोड़े जा सकते हैं।
डॉक्टरों ने कहा कि एक खास तरह की रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के बाद चारलोट के कान वापस लगाए जा सकते हैं।
किया ये काम
डॉक्टरों ने चारलोट का ऑपरेशन किया। उन्होंने चारलोट के फेफड़े के एक कार्टिलेज यानी के उपास्थि को वहां से निकाला और उसके हाथ में ही घुसा दिया।
इस कार्टिलेज को उन्होंने कान का शेप दिया और हाथ्ा में डालकर महीनों बढ़ने के लिए छोड़ दिया।
महीनों बाद उसके हाथ में वो कान बढ़ने लगा और फिर डॉक्टरों ने उसकी सर्जरी की।
लग गया कान
डॉक्टर अपने प्रयास में सफल रहे। जब कान पूरी तरह से हाथ में बढ़ गया तो उसे ऑपरेट करके जहां कान को होना चाहिए था वहां लगा दिया।
चारलोट को डॉक्टरों ने नया कान देकर नई जिंदगी दी है। ये कान परमनेंट है और इसमें प्रोस्थेटिक कानों की तरह इंफेक्शन का डर भी नहीं रहेगा।
इस ऑपरेशन के बाद चारलोट बहुत खुश है और उसके मां-बाप अपनी बेटी को बहुत हिम्मती मानते हैं।
ऐसी अजीबोगरीब घटनाओं की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें