हमारे सौरमंडल में टाइटन दूसरा सबसे बड़ा चंद्रमा है। इसकी सतह बर्फ और चट्टानों से ढकी हुई है। धरती के अलावा यह एकमात्र ऐसी जगह है, जहां सतह पर तरल पदार्थ हैं। शनि के इस चंद्रमा पर बादल बनते हैं, बारिश होती है, नदियां बहती हैं। इसके अलावा यहां पर झीलें और समुद्र भी हैं। हालांकि, इनमें पानी नहीं बल्कि मीथेन और ईथेन के तरल हाइड्रोकार्बन भरे हुए हैं।
नासा ने साल 1997 में कैसिनी मिशन को अंतरिक्ष में लॉन्च किया था। कैसिनी यान ने टाइटन की कक्षा में चक्कर लगाते हुए टाइटन के बारे में कई चीजें को पता करने का काम किया। इसमें इस बात का पता चला कि टाइटन की बर्फीली सतह के नीचे पानी का एक विशाल महासागर छिपा हुआ है।
वैज्ञानिकों को लगता है कि टाइटन की सतह पर मौजूद मीथेन और ईथेन की नदियों, झीलों और समुद्र में जीवन मौजूद हो सकता है। हालांकि, अगर टाइटन पर जीवन मौजूद हुआ तौ वह धरती से पूरी तरह से अलग होगा। अभी तक टाइटन पर जीवन के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, नासा आने वाले समय में टाइटन का विस्तृत अध्ययन करने के लिए साल 2028 में ड्रैगनफ्लाई फ्लाई मिशन वहां पर भेजने वाला है।