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इस गांव में चमगादड़ों की होती है पूजा, लोग मानते हैं उन्हें महामारी से बचाते हैं ये!

Fri, 27 Mar 2020 12:37 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस नामक महामारी ने दुनियाभर में तबाही मचा रखी है। इस बीमारी से पूरी दुनिया में अब तक 24 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि संक्रमितों की संख्या पांच लाख से भी अधिक है। लोग इस बीमारी के फैलने की वजह चमगादड़ों को मान रहे हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि बिहार में एक ऐसा गांव है, जहां लोग चमगादड़ों की पूजा करते हैं। उनका मानना है कि ये चमगादड़ उन्हें महामारी से बचाते हैं।   
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस गांव का नाम है सरसई (रामपुर रत्नाकर), जो वैशाली जिले के राजापाकड़ प्रखंड में पड़ता है। यहां के लोग चमगादड़ों को 'ग्राम देवता' के रूप में मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं। वह इन्हें संपन्नता का प्रतीक मानते हैं। उनका मानना है कि जिस इलाके में चमगादड़ निवास करते हैं, वहां धन की कोई कमी नहीं होती। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सरसई गांव के लोगों का यह भी मानना है कि यहां निवास करने वाले चमगादड़ उनके पूरे गांव की रक्षा करते हैं और साथ ही उनके ऊपर किसी तरह की विपत्ति नहीं आने देते। यहां तक कि ये उन्हें किसी भी तरह की महामारी से भी बचाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि गांव में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले लोग चमगादड़ों की पूजा करते हैं, ताकि सब सही-सही हो। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस गांव में सैकड़ों की संख्या में ये चमगादड़ एक तालाब के किनारे पीपल के पेड़ पर और आसपास के अन्य पेड़ों पर निवास करते हैं। इन चमगादड़ों की वजह से ही यह गांव पूरे इलाके में मशहूर है और लोग दूर-दूर से इन्हें देखने के लिए आते हैं। गांव वालों का कहना है कि अगर रात में कोई बाहरी व्यक्ति इस गांव में आता है तो ये चमगादड़ शोर मचाने लगते हैं जबकि गांव वालों के आने पर ये शांत रहते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यहां के लोगों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि इस गांव में ये चमगादड़ कब से रह रहे हैं, लेकिन वह एक कहानी सुनाते हैं, जिसके मुताबिक मध्यकाल में एक बार वैशाली जिले में महामारी फैली थी, तब ये चमगादड़ कहीं से उड़कर यहां आ गए और फिर यहीं के होकर रह गए। उनका मानना है कि इन चमगादड़ों की वजह से ही यहां कभी महामारी नहीं फैलती। 
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