फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर समुद्र में क्यों बनवाए गए थे ये अजीबोगरीब किले, 77 साल पुरानी है कहानी

Tue, 03 Mar 2020 10:27 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
रेड सैंड्स फोर्ट - फोटो : Social media
ये अजीबोगरीब किले देखने में किसी फिल्म के सीन से कम नहीं लगते। इन्हें समुद्र में बनाया गया है। इन्हें 'रेड सैंड्स फोर्ट' के नाम से जाना जाता है। शायद ही आपको पता हो कि समुद्र में ये किले आखिर क्यों बनवाए गए थे। दरअसल, इसके पीछे 77 साल पुरानी एक कहानी है, जो ब्रिटेन और जर्मनी से जुड़ी हुई है। 
विज्ञापन

2 of 5
रेड सैंड्स फोर्ट - फोटो : Social media
इंग्लैंड के समुद्र तट से करीब सात मील दूर समुद्र में ये किले स्थित हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इंग्लैंड में ही इसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मशहूर टेम्स नदी के मुहाने के करीब बने इन किलों तक सिर्फ नाव के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। हालांकि यहां लोग न के बराबर ही आते हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
रेड सैंड्स फोर्ट - फोटो : Social media
1960 के दशक में कुछ युवाओं ने इन किलों से एक रेडियो स्टेशन शुरू किया था। कुछ साल तक तो सबकुछ ठीक-ठाक रहा, लेकिन 1967 में ब्रिटिश सरकार की नीतियों में बदलाव की वजह ये ये समुद्री रेडियो स्टेशन हमेशा-हमेशा के लिए बंद हो गया। 

4 of 5
रेड सैंड्स फोर्ट - फोटो : Social media
रख-रखाव की कमी के चलते ये किले जर्जर स्थिति में पहुंच चुके थे, लेकिन 21वीं सदी की शुरुआत में ब्रिटेन के कुछ लोगों का ध्यान इस ओर गया, जिसके बाद कुछ पूर्व सैनिकों, इंजीनियरों और इतिहास की समझ रखने वाले लोगों ने इन समुद्री किलों की मरम्मत को लेकर प्रोजेक्ट रेड सैंड शुरू किया। इस प्रोजेक्ट का मकसद ता, ब्रिटेन के इतिहास के इस पन्ने को संजोकर रखना। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
रेड सैंड्स फोर्ट - फोटो : Social media
इन समुद्री किलों को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 1943 में बनाया गया था। दरअसल, इनका मकसद, जर्मन एयरफोर्स की बमबारी से लंदन की सुरक्षा करना था। कहते हैं कि उस समय इन किलों पर 200 से ज्यादा ब्रिटिश सैनिकों को तैनात किया गया था, जो दिन-रात आसमान की निगरानी करते थे, ताकि जर्मनी के लड़ाकू विमानों को लंदन पहुंचने से पहले ही तबाह कर सकें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें